सिस्टम की घोर लापरवाही: छत्तीसगढ़ में 12 हजार मरीजों की जान खतरे में, अस्पताल में इंसुलिन तो है लेकिन लगाने वाली किट ही नहीं

सिस्टम की घोर लापरवाही: छत्तीसगढ़ में 12 हजार मरीजों की जान खतरे में, अस्पताल में इंसुलिन तो है लेकिन लगाने वाली किट ही नहीं

रायपुर. सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने छत्तीसगढ़ में 12 हजार से ज्यादा टाइप-1 डायबिटीज मरीजों की जान खतरे में डाल दी है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में मरीजों को इंसुलिन तो मिल रही है, लेकिन उसे लगाने और शुगर नापने के लिए जरूरी किट (पेन, नीडल, ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप) गायब है। पिछले करीब डेढ़ साल से अस्पतालों में किट की सप्लाई पूरी तरह ठप है। ऐसे में हजारों मरीज आधे-अधूरे इलाज के भरोसे जिंदगी काटने को मजबूर हैं।

हर महीने 5 हजार का खर्च, गरीब मरीज बेबस

 

Read More सरकारी साइकिल मिली, लेकिन निकली खराब! पेंड्रा में छात्राओं को बांटी गईं टूटी-फूटी साइकिलें, गुणवत्ता पर उठे सवाल

टाइप-1 डायबिटीज के मरीजों को दिन में 3 से 4 बार इंसुलिन लेना पड़ता है। इसके लिए पेन और नीडल के अलावा हर बार शुगर नापने के लिए ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप चाहिए। बाजार से यह किट खरीदने पर हर महीने 4 से 5 हजार रुपए का खर्च आता है। गरीब मरीज यह खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। मजबूरी में कई मरीजों ने या तो शुगर की जांच छोड़ दी है या इंसुलिन की डोज कम कर दी है। इसका सीधा नतीजा यह है कि मरीजों की शुगर अनियंत्रित हो रही है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। अकेले रायपुर के जिला अस्पताल में ही 150 से ज्यादा बच्चे इसी हालत में इलाज करा रहे हैं।

Read More सीजी पीएससी की सफाई: न्यूज और स्पेशरानी नाम से ही भरा गया था आवेदन; पुलिस भर्ती के नतीजों पर राजनीतिक घमासान

 

मरीजों का दर्द: बिना नापे लगा रहे इंसुलिन, बिगड़ रही हालत

 

  केस 1: 6 महीने का बच्चा, साल में 3 बार अस्पताल में भर्ती

   रायपुर में एक 6 महीने का बच्चा अपनी उम्र के शुरुआती दिनों से ही सुई और दवाओं के बीच है। बच्चे के पिता पेशे से ड्राइवर हैं और महीने के सिर्फ 15 हजार रुपए कमाते हैं। किट खरीदने के पैसे नहीं हैं, इसलिए कई बार बिना शुगर नापे ही अंदाजे से बच्चे को इंसुलिन देना पड़ता है। डोज जरा भी ऊपर-नीचे होने से बच्चे की हालत खराब हो जाती है। बीते एक साल में ही उसे तीन बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

  केस 2: राजमिस्त्री की पत्नी, डोज बिगड़ने पर टूट रहा शरीर

   महासमुंद की एक युवती को दिन में चार बार इंसुलिन लेना होता है। पति राजमिस्त्री है, आमदनी बहुत सीमित है। शुगर नापने की किट और पेन न होने के कारण वह कई बार इंसुलिन की डोज नहीं ले पाती। शुगर अनियंत्रित होने से उसका शरीर जवाब देने लगता है। उसे कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। वह कहती है कि बीमारी से ज्यादा इस बात का डर लगता है कि किट के बिना कब सांसें उखड़ जाएं।

CGMSC के घपलों के फेर में फंसी मरीजों की सांसें 

किट की यह भारी किल्लत छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) की नाकामी का सीधा नतीजा है। प्रदेश के अस्पतालों में दवा और उपकरणों की खरीदी का जिम्मा CGMSC का ही है। लेकिन पिछले डेढ़ साल से इस एजेंसी ने किट खरीदी ही नहीं है। गौरतलब है कि CGMSC बीते कुछ समय से दवा सप्लाई और करोड़ों के टेंडर घोटालों को लेकर लगातार विवादों में है और कई मामलों में ईडी (ED) और ईओडब्ल्यू (EOW) की जांच भी झेल रहा है। अफसरों के इसी भ्रष्टाचार और सिस्टम की लेटलतीफी का खामियाजा वे गरीब मरीज भुगत रहे हैं, जिनके लिए सही समय पर इंसुलिन लेना जिंदगी बचाने जैसा है।

जिम्मेदार क्या कहते हैं?

दवा और उपकरणों की सप्लाई के सिस्टम में बदलाव किया गया है। इससे दवा व अन्य चीजें अस्पताल में तेजी से पहुंच रही हैं। इंसुलिन किट क्यों नहीं पहुंच रही, इसकी जांच कराई जाएगी। मरीजों को जल्द किट उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जाएंगे।"

दीपक महस्के, अध्यक्ष, CGMSC

 

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों की जांच, कलेक्टरों से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों की जांच, कलेक्टरों से तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
MP में ‘एनालॉग पनीर’ पर बड़ा फैसला: CM मोहन यादव ने लगाया प्रतिबंध, बाजार में बिकने वाले पनीर को लेकर बढ़ी सख्ती
शादी से पहले ही उजड़ गया रिश्ता: गर्लफ्रेंड के घर मिली बॉयफ्रेंड की लाश, शराब पार्टी में विवाद के बाद मौत; जांच में जुटी पुलिस
गड्ढों में सड़क नहीं, खिले कनेर के फूल! ग्रामीणों का अनोखा विरोध, बोले- ‘अब तो जिम्मेदारों की नजर पड़े’
गोरखपुर रेलवे फाटक बना ‘जाम का जाल’! एंबुलेंस अटकी तो भड़का आक्रोश, उठी अंडरब्रिज की मांग
कृषि औजारों की पूजा, गेंड़ी की धमक, गांवों में गूंजेंगे लोकगीत... प्रकृति और परिश्रम को नमन का दिन
माटी की महक, खेती की परंपरा और हरेली का उत्सव! CM साय ने की औजारों की पूजा, देखे LIVE
तिरंगा यात्रा में CM का VIDEO बना विवाद की वजह, ‘तंबाकू’ वाले तंज पर BJP को देनी पड़ी सफाई
अंतिम संस्कार में नहीं आईं, अस्थि विसर्जन में भी नहीं पहुंचीं बेटियां; ‘मजबूरी’ बताकर घर पर करेंगी तेरहवीं
“बच्चे का इंतजाम करो, 5 लाख देंगे”… दो बेटियों के पिता SDO पर नवजात चोरी की साजिश का आरोप
224 यात्रियों की सांसें अटकीं! हवा में इंजन फेल, चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी; IndiGo फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग
वरिष्ठता के आधार पर प्रभार का दावा नहीं कर सकते अधिकारी : बिलासपुर हाई कोर्ट