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तीजा-पोरा पर्व पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, बेटी संग झूला झूलते दिखे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
रायपुर: राजधानी रायपुर में तीजा-पोरा त्योहार के मौके पर सुभाष स्टेडियम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सराबोर भव्य आयोजन हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी बेटी के साथ झूला झूलते नजर आए, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके जन्मदिन पर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में पारंपरिक गीत-नृत्य, खेल प्रतियोगिताएं और बैल पूजा के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
दरअसल, आज बघेल का जन्मदिन भी है। ऐसे में तीजा–पोरा तिहार के साथ ही सुभाष स्टेडियम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। सुबह 11 बजे से पूजा के साथ ही तरह-तरह की छत्तीसगढ़ी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई है। पारंपरिक गीतों और नृत्य कला की प्रस्तुति दी जा रही है।
वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास परिसर में पोला तिहार मनाया जाएगा। यहां बैल जोड़ों और मिट्टी से बने नंदी बैल की पूजा की जाएगी। इस आयोजन में सभी मंत्री, विधायक भी शामिल होंगे।
इसलिए मनाया जाता है यह त्योहार
बता दें कि, पोला तिहार छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति और लोक जीवन की गहराइयों से जुड़ा है। इस त्यौहार में उत्साह से बैलों और जाता-पोरा की पूजा कर अच्छी फसल और घर को धन-धान्य से परिपूर्ण होने के लिए प्रार्थना की जाती है। यह त्यौहार हमारे जीवन में खेती-किसानी और पशुधन का महत्व बताता है। यह पर्व बच्चों को हमारी संस्कृति और परम्पराओं से परिचय कराने का भी अच्छा माध्यम है। घरों में प्रतिमान स्वरूप मिट्टी के बैलों और बर्तनों की पूजा कर बच्चों को खेलने के लिए दिया जाता है। जिससे बच्चे अनजाने ही अपनी मिट्टी और उसके सरोकारों से जुड़ते हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
