डू व्हाटएवर यू वॉन्ट: IAS अमित कटारिया के 4 शब्दों से बढ़ी तकरार, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नोटिस पर DOPT का एक्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 2004 बैच के आईएएस अधिकारी अमित कटारिया का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मामला रायपुर लोकसभा सीट से सांसद बृजमोहन अग्रवाल और नौकरशाही के बीच टकराव का है। जानकारी निकलकर आ रही है कि सांसद ने आईएएस अफसर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को सौंप दिया है। इस शिकायत पर एक्शन लेते हुए संसद ने डीओपीटी (DOPT) के जरिए आईएएस अधिकारी से जानकारी तलब कर ली है। अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि अधिकारी ने उचित माध्यम से अपना पक्ष दिल्ली भेज भी दिया है।
चार शब्दों ने बिगाड़ा पूरा माहौल
मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो यह पूरा विवाद एक टेलीफोनिक बातचीत और उसमें इस्तेमाल किए गए चार अंग्रेजी शब्दों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। बताया जा रहा है कि मई के आखिरी दिनों में शाम के वक्त कटारिया और सांसद के बीच फोन पर बातचीत हो रही थी। इसी दौरान कथित रूप से आईएएस अफसर ने कह दिया- "डू व्हाटएवर यू वॉन्ट।" हिंदी में इसका मतलब होता है कि "जो करना है कर लीजिए" या "जो करना है कर लो।" इस एक वाक्य ने आग में घी का काम किया और बात काफी आगे बढ़ गई।
सीएसआर फंड पर अटकी थी फाइल
इस तल्खी की असली वजह सीएसआर फंड बताई जा रही है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की कोशिशों से यह फंड लाया गया था और वे चाहते थे कि इस राशि का इस्तेमाल उनके संसदीय क्षेत्र के सीएससी और पीएससी के विकास कार्यों में हो। लेकिन अलग-अलग कारणों का हवाला देकर यह काम लगातार टलता रहा। सांसद कार्यालय ने इस विषय और अन्य विभागीय कामों को लेकर कई बार पत्र भेजे। संदेश भी भिजवाए गए, लेकिन दूसरी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया।
ऐसे शुरू हुई दोनों के बीच नोकझोंक
मई के अंतिम पखवाड़े में जब सीएसआर फंड का मामला फिर से सामने आया, तो सांसद ने सीएम सचिवालय के एक प्रभावशाली अधिकारी को फोन घुमाया। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव की कार्यप्रणाली और रवैये पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। सूत्रों के मुताबिक, इस शिकायत के कुछ ही देर बाद अमित कटारिया ने सांसद के नंबर पर कॉल किया, लेकिन उस वक्त सांसद एक बैठक में व्यस्त थे। जब बैठक खत्म होने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने अफसर को कॉल बैक किया, तो फोन पर ही माहौल गर्म हो गया।
कहा जा रहा है कि अफसर ने कथित तौर पर अनादर और अशिष्टता के साथ बात की। इसी बहस के बीच वह अंग्रेजी का वाक्य बोला गया। इस बर्ताव के अगले ही दिन सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के नाम विशेषाधिकार हनन की सूचना के साथ अपना नोटिस भेज दिया।
आईएएस कटारिया का पक्ष नदारद
पूरे प्रकरण पर आईएएस अमित कटारिया की प्रतिक्रिया जानने की लगातार कोशिश की गई। उन्हें फोन भी लगाया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर पूरा विषय लिखकर उनसे उनका पक्ष मांगा गया, वहां से भी फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है। अगर उनका पक्ष या कोई आधिकारिक बयान आता है, तो उसे भी यहां प्रकाशित किया जाएगा।
