राशन दुकान में 50 लाख के चावल का हिसाब गायब! 1225 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी, महिला समूह की अध्यक्ष समेत 3 पर FIR
रायपुर। राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद क्षेत्र से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सेरीखेड़ी की उचित मूल्य दुकान में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच भारी अंतर मिलने के बाद खाद्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।
जांच में कुल 1225 क्विंटल चावल का शॉर्टेज सामने आया है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख 9 हजार 956 रुपये बताई गई है। विभाग के निर्देश के बावजूद संबंधित समूह ने न तो गायब चावल की भरपाई की और न ही निर्धारित राशि जमा कराई। इसके बाद खाद्य विभाग की रिपोर्ट पर महिला समूह की अध्यक्ष और दो विक्रेताओं के खिलाफ मंदिर हसौद थाने में FIR दर्ज कराई गई है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में हजारों क्विंटल चावल, दुकान में मिला महज 35 क्विंटल
खाद्य विभाग के अनुसार, सेरीखेड़ी की उचित मूल्य दुकान की आईडी 4420001044 का संचालन श्रीराधा मोहन महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था। समूह की अध्यक्ष माया यादव हैं, जबकि दुकान के विक्रेता हरिशंकर साहू और अंजू यादव बताए गए हैं। विभागीय निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन स्टॉक और दुकान में मौजूद वास्तविक खाद्यान्न का मिलान किया गया। रिकॉर्ड में चावल का स्टॉक 1012.42 क्विंटल दिखाई दे रहा था, लेकिन मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान सिर्फ 35 क्विंटल चावल मिला। यानी शुरुआती जांच में ही करीब 977.42 क्विंटल चावल का अंतर सामने आ गया। वहीं नमक और शक्कर का स्टॉक रिकॉर्ड के मुताबिक ही पाया गया।
नोटिस के बाद भी नहीं हुई भरपाई
खाद्य विभाग ने स्टॉक में भारी कमी मिलने के बाद संबंधित दुकान संचालक को 3 नवंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही दुकान को निलंबित कर अस्थायी रूप से हर-हर महादेव प्राथमिक सहकारी समिति से संबद्ध कर दिया गया। विभाग ने गायब चावल या उसके निर्धारित मूल्य की राशि जमा करने के निर्देश भी दिए, लेकिन आरोप है कि संबंधित समूह की ओर से न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही शॉर्टेज की भरपाई की गई।
दोबारा जांच में भी सामने आया बड़ा अंतर
इसके बाद 23 नवंबर 2025 को दुकान का दोबारा भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान दुकान के प्रबंधक हरिशंकर साहू, नवीन अस्थायी संचालक और गवाहों की मौजूदगी में स्टॉक का मिलान किया गया।
इस बार दुकान में
- चावल: शून्य
- शक्कर: 4.66 क्विंटल
- नमक: 5.75 क्विंटल मिला।
वहीं ऑनलाइन रिकॉर्ड में
- चावल: 1186.25 क्विंटल
- शक्कर: 5.15 क्विंटल
- नमक: 6.33 क्विंटल दिखाया जा रहा था।
ऑफलाइन रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान विभाग ने केवल ऑनलाइन स्टॉक ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन वितरण से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांचा। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, कल्याणकारी संस्था को किए गए वितरण, अक्टूबर-नवंबर के मध्यान्ह भोजन से संबंधित खाद्यान्न और कुछ राशन कार्डों में कथित फर्जी एंट्री जैसे बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया। इन सभी रिकॉर्ड और स्टॉक में अंतर को जोड़ने पर कुल 1225 क्विंटल चावल का शॉर्टेज सामने आया।
50 लाख रुपये से ज्यादा की बनती थी रिकवरी
विभाग ने गायब चावल की कीमत 4089.76 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निर्धारित की। इस हिसाब से 1225 क्विंटल चावल की कुल कीमत 50 लाख 9 हजार 956 रुपये बैठती है। खाद्य विभाग के अनुसार, संबंधित दुकान संचालक से इतनी राशि की वसूली की जानी थी, लेकिन निर्धारित राशि जमा नहीं की गई।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर मंदिर हसौद पुलिस ने महिला समूह की अध्यक्ष और दोनों विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस और खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का अंतर कैसे पैदा हुआ और कथित रूप से गायब चावल का इस्तेमाल या वितरण कहां किया गया।
रिकॉर्ड, वितरण और लेन-देन की होगी जांच
मामले की जांच अब केवल स्टॉक तक सीमित नहीं रहने वाली है। जांच एजेंसियां राशन वितरण के रिकॉर्ड, ऑनलाइन एंट्री, ऑफलाइन दस्तावेज, संबंधित राशन कार्डों और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, 50 लाख रुपये से अधिक के चावल की कथित हेराफेरी का यह मामला रायपुर जिले की PDS व्यवस्था में गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
