ई-रिक्शा बंद करने वाली ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन: Google Play और Apple App Store से हटवाईं दो ऐप्स, सुरक्षा पर बढ़ी सख्ती

ई-रिक्शा बंद करने वाली ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन: Google Play और Apple App Store से हटवाईं दो ऐप्स, सुरक्षा पर बढ़ी सख्ती

नई दिल्ली। सड़क पर चलते ई-रिक्शा को मोबाइल ऐप के जरिए अचानक बंद किए जाने के वायरल वीडियो सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार के निर्देश पर Google Play Store और Apple App Store से ऐसी दो ऐप्स को हटा दिया गया है, जिनका दुरुपयोग कर ई-रिक्शा को रिमोटली बंद किया जा रहा था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे किसी भी ऐप को प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें कुछ लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक रोकते नजर आए। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीकी कमजोरियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

सरकार ने लिया तत्काल संज्ञान
वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कुछ ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाने के लिए किया जा रहा था। इसके बाद सरकार ने दोनों प्रमुख ऐप स्टोर को संबंधित ऐप्स हटाने के निर्देश दिए। सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे ऐप स्टोर कंपनियों के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील या दुरुपयोग योग्य ऐप्स की लिस्टिंग पहले ही रोकी जा सके।

BAT-BMS ऐप का हो रहा था दुरुपयोग
जांच में सामने आया कि BAT-BMS नामक ऐप का सबसे अधिक दुरुपयोग किया जा रहा था। यह मूल रूप से Shenzhen Grenergy Technology द्वारा सोलर, ऑफ-ग्रिड और मरीन बैटरियों की निगरानी के लिए विकसित किया गया था। हालांकि, कुछ लोगों ने इसका उपयोग ऐसे ई-रिक्शा की बैटरियों से कनेक्ट होने के लिए शुरू कर दिया, जिनमें ब्लूटूथ आधारित BMS लगा हुआ था और जिनकी सुरक्षा पर्याप्त नहीं थी। इसके जरिए चलते वाहन की बैटरी का डिस्चार्ज फंक्शन बंद कर दिया जाता था, जिससे ई-रिक्शा बीच सड़क पर रुक जाता था।

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कैसे बंद हो जाता था ई-रिक्शा?
विशेषज्ञों के अनुसार, कई ई-रिक्शा लिथियम-आयन बैटरियों से चलते हैं, जिनमें ब्लूटूथ आधारित Battery Management System (BMS) लगा होता है। यदि इस सिस्टम पर पासवर्ड सुरक्षा या अन्य सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए हों, तो कोई भी व्यक्ति संबंधित ऐप के जरिए उससे कनेक्ट हो सकता है।कनेक्शन बनने के बाद ऐप से बैटरी का डिस्चार्ज कंट्रोल बंद किया जा सकता है। ऐसा होते ही बैटरी से मोटर तक बिजली की आपूर्ति रुक जाती है और ई-रिक्शा अचानक चलना बंद कर देता है।

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क्या दूसरे इलेक्ट्रिक वाहन भी हो सकते हैं प्रभावित?
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि यह खतरा केवल ई-रिक्शा तक सीमित नहीं है। जिन अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों में भी इसी प्रकार का असुरक्षित ब्लूटूथ आधारित BMS लगा है, वे भी इस तरह के दुरुपयोग का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, जिन वाहनों में पासवर्ड-सुरक्षित BMS, एन्क्रिप्टेड सिस्टम या निर्माता की आधिकारिक (Proprietary) ऐप का उपयोग किया जाता है, उन्हें इस प्रकार आसानी से नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

सुरक्षा मानकों को लेकर सरकार सतर्क
सरकार ने संकेत दिए हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट बैटरी सिस्टम से जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही बैटरी निर्माताओं और वाहन कंपनियों से भी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनके डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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