बंगाल में हिंसा पर सख्ती: 80 गिरफ्तार, बिना अनुमति जुलूस पर रोक, कोलकाता में हाई अलर्ट
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य की राजधानी Kolkata में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां पुलिस और केंद्रीय बल लगातार निगरानी में जुटे हैं। पुलिस कमिश्नर Ajay Kumar Nand ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कमिश्नर ने बताया कि न्यूटाउन इलाके में हुई हालिया घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना दो गुटों के बीच आपसी टकराव का परिणाम थी, जिसमें कुछ स्थानों से हथियार भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि कुछ तत्व जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से कुल 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच, पुलिस ने जश्न और जुलूस को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिना अनुमति किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, जश्न के दौरान भारी मशीनरी जैसे जेसीबी के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए शहर में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। Central Reserve Police Force की 65 कंपनियां और 240 क्विक रिस्पॉन्स टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। पुलिस का दावा है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और अधिकांश स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि छिटपुट घटनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
