3 साल बाद आया बड़ा फैसला! महिला पहलवानों के मामले में बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर बरी
नई दिल्ली। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद बृज भूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया है। इस मामले में अदालत ने 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
तीन साल से अधिक समय तक चला मुकदमा
यह मामला वर्ष 2023 में महिला पहलवानों की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में करीब 1,133 दिनों के दौरान 127 से अधिक सुनवाई हुईं। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाया।
पहले आरोप तय करने के दिए थे आदेश
मई 2024 में अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ एक शिकायतकर्ता के आरोपों को छोड़कर अन्य शिकायतों के आधार पर आपराधिक धमकी और अन्य आरोपों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। इसी मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने किन धाराओं में किया था आरोपित?
दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। इनमें महिला की मर्यादा भंग करने के आरोप, कथित यौन उत्पीड़न, पीछा करने (Stalking), आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल थे। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी जमानत पर थे।
अदालत के फैसले के बाद आगे क्या?
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को राहत मिली है। हालांकि, यदि किसी पक्ष को अदालत के निर्णय पर आपत्ति होती है, तो वह कानून के तहत उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार रखता है।
