CJP Protest: जंतर-मंतर हिंसा से संगठन ने बनाई दूरी, बोला- 'तोड़फोड़ करने वाले हमारे समर्थक नहीं'; असामाजिक तत्वों की घुसपैठ का लगाया आरोप
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद CJP ने खुद को हिंसा से अलग बताते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान अराजकता फैलाने वाले लोग उसके समर्थक नहीं हैं। संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि आंदोलन में कुछ "असामाजिक तत्व" घुस आए हैं, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की।
'हिंसा करने वाले हमारे लोग नहीं'
मीडिया से बातचीत में सौरभ दास ने कहा कि CJP का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और संगठन किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का समर्थन नहीं करता। उनका कहना था कि प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी और तोड़फोड़ करने वाले लोग संगठन से जुड़े नहीं हैं।
असामाजिक तत्वों की घुसपैठ का आरोप
CJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि आंदोलन को बदनाम करने के उद्देश्य से कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों की वजह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का माहौल बिगड़ा। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
'दोषियों पर कार्रवाई करे पुलिस'
सौरभ दास ने कहा कि संगठन अपने स्वयंसेवकों (वालंटियर्स) को लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन बनाए रखने के निर्देश दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने हिंसा या तोड़फोड़ की है तो पुलिस को उसकी पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार से बातचीत की अपील
सरकार के साथ बातचीत के सवाल पर CJP ने कहा कि उसकी ओर से संवाद का रास्ता बंद नहीं किया गया है। सौरभ दास ने कहा कि संगठन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन पहल सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपरा के तहत सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करना चाहिए।
'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन'
CJP का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने दोहराया कि उसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।
