BPSC परीक्षा में सेंध का बड़ा खुलासा! AEDO पेपर लीक कांड का कथित मास्टरमाइंड अतुल राज पांडेय गिरफ्तार, EOU की जांच में खुले कई राज
पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने BPSC AEDO परीक्षा में कथित धांधली के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने बायोमीट्रिक ऑपरेटर अतुल राज पांडेय को गिरफ्तार किया है। जांच में उसकी भूमिका परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने और कथित सॉल्वर गैंग से संपर्क के मामले में सामने आई है। अतुल की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी का फोकस उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है, जिसने परीक्षा केंद्र की तकनीकी और बायोमीट्रिक व्यवस्था का कथित तौर पर फायदा उठाने की कोशिश की।
पटना से गिरफ्तारी, बेउर जेल भेजा गया
EOU की टीम ने बुधवार को अतुल राज पांडेय को पटना से गिरफ्तार किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे देर रात बेउर जेल भेज दिया गया। जांच के मुताबिक, अतुल की तैनाती कंकड़बाग स्थित रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक ऑपरेटर के तौर पर हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसने कथित सॉल्वर गैंग के साथ मिलकर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की योजना को अंजाम देने में मदद की।
मोबाइल फोन ने खोली कथित साजिश की परतें
मामले की जांच में डिजिटल साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। EOU ने परीक्षा केंद्र से जब्त मोबाइल फोन और अतुल की सहकर्मी दीपिका कुमारी के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की। जांच एजेंसी के मुताबिक, फोन से मिले डेटा में परीक्षा से जुड़े ऐसे सुराग मिले, जिनसे कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अतुल की भूमिका जांच के केंद्र में आई। इससे पहले पटना के एएन कॉलेज परीक्षा भवन में अभ्यर्थी रोशन कुमार को कथित तौर पर बायोमीट्रिक कर्मी अंशुप्रिया से उत्तर की पर्ची लेते हुए पकड़े जाने का मामला सामने आया था। जांच आगे बढ़ी तो दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की पड़ताल शुरू हुई।
जैमर और बायोमीट्रिक एजेंसियों से था पुराना संपर्क
पूछताछ में जांचकर्ताओं को पता चला कि अतुल पहले कई जैमर और बायोमीट्रिक सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के साथ काम कर चुका था। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन कंपनियों को मानव संसाधन उपलब्ध कराने के कारण उसे परीक्षा केंद्रों की तकनीकी व्यवस्था की जानकारी थी। अब EOU यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी अनुभव का इस्तेमाल परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के लिए किया गया।
23 अप्रैल को दर्ज हुआ था केस
इस मामले में 23 अप्रैल 2026 को पटना के श्रीकृष्णपुरी थाने में परीक्षा में कदाचार को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद BPSC ने संबंधित सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद से ही जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी थीं कि गड़बड़ी केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित थी या इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
अब और गिरफ्तारियों की तैयारी?
अतुल से पूछताछ के दौरान कथित सॉल्वर गैंग और बिचौलियों से जुड़े कुछ अन्य नाम सामने आने की बात कही जा रही है। EOU अब इन नामों और उनके संपर्कों का सत्यापन कर रही है। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका कितनी बड़ी थी और क्या अलग-अलग केंद्रों पर एक ही नेटवर्क ने अपनी पहुंच बनाई थी।
जांच के केंद्र में अब ये सवाल
- परीक्षा केंद्र तक सॉल्वर गैंग की पहुंच कैसे बनी?
- बायोमीट्रिक सिस्टम का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल किया गया?
- क्या अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी इसी नेटवर्क के लोग सक्रिय थे?
- अभ्यर्थियों और बिचौलियों के बीच पैसों का लेनदेन कैसे हुआ?
- इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं?
फिलहाल, EOU की जांच जारी है। अतुल राज पांडेय की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला फोकस कथित सॉल्वर गैंग, बिचौलियों और परीक्षा केंद्रों पर तैनात तकनीकी कर्मचारियों के नेटवर्क तक पहुंचना है। एजेंसी की आगे की कार्रवाई से मामले में और गिरफ्तारियां और नए खुलासे होने की संभावना है।
