NEET विवाद पर अभिजीत दीपके का बड़ा हमला: PM मोदी से 1 करोड़ मुआवजे की मांग, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली। NEET परीक्षा विवाद और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर देश में बढ़ती नाराजगी के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में दीपके ने कथित तौर पर परीक्षा प्रणाली की विफलताओं को छात्रों की मानसिक पीड़ा से जोड़ते हुए आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के आरोप हैं कि बार-बार सामने आने वाले परीक्षा विवादों ने लाखों छात्रों का भरोसा कमजोर किया है।
अपने पत्र में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि हाल के दिनों में कई NEET अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवाद, अनिश्चितता और मानसिक दबाव छात्रों के लिए गंभीर संकट बनते जा रहे हैं। दीपके का आरोप है कि जब युवा वर्षों की मेहनत के बाद भी व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर पाते, तो इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
पत्र में उन परिवारों की आर्थिक परेशानियों का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया था। दीपके का कहना है कि कई परिवारों ने शिक्षा ऋण लेकर बच्चों के भविष्य को संवारने की कोशिश की, लेकिन कथित व्यवस्थागत खामियों और विवादों ने उनके सपनों को झटका पहुंचाया। इसी आधार पर उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है।
मुआवजे की मांग के साथ-साथ अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की भी मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी समस्याएं शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की कमी को दर्शाती हैं। उनका कहना है कि यदि व्यवस्थागत विफलताओं की जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तो छात्रों का भरोसा बहाल करना मुश्किल होगा।
