Plants on Terrace Vastu: छत पर गमले रखने से पहले जान लें वास्तु के ये नियम, इन दिशाओं में पौधे रखना माना जाता है बेहतर
Plants on Roof Vastu: घर को हरा-भरा और खूबसूरत बनाने के लिए आजकल लोग बालकनी से लेकर छत तक पौधे लगाते हैं। कई लोग अपनी छत को ही छोटे से रूफ गार्डन में बदल देते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र में घर में पौधे रखने को लेकर कुछ मान्यताएं बताई गई हैं। खासकर छत पर गमले और पौधे रखने के मामले में दिशा और संख्या का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, गलत दिशा में या जरूरत से ज्यादा पौधे रखने से घर के ऊर्जा संतुलन पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि अगर आप भी अपनी छत पर गार्डन बनाने की सोच रहे हैं, तो वास्तु से जुड़े इन नियमों को जान लेना उपयोगी हो सकता है।
क्या छत पर पौधे रखना अशुभ माना जाता है?
वास्तु शास्त्र की कुछ मान्यताओं में छत पर बड़ी संख्या में पौधे या भारी गमले रखना उचित नहीं माना जाता। विशेष रूप से पूरी छत को बहुत अधिक गमलों से भर देने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि छत पर किसी भी तरह का पौधा नहीं रखा जा सकता। वास्तु के अनुसार पौधों की दिशा, संख्या और व्यवस्था को संतुलित रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
छत का संबंध राहु और पौधों का बुध से
ज्योतिषीय मान्यताओं में घर की छत को राहु से जोड़ा जाता है, जबकि हरे पेड़-पौधों का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा और हरियाली का कारक माना गया है, वहीं राहु को भ्रम और अस्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। इसी ज्योतिषीय मान्यता के आधार पर कुछ वास्तु विशेषज्ञ छत पर अत्यधिक हरियाली या पौधों की भीड़ से बचने की सलाह देते हैं। हालांकि, यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
क्या पूरी छत को रूफ गार्डन बनाना सही है?
अगर आप छत पर पौधे लगाना चाहते हैं, तो वास्तु मान्यताओं के अनुसार बहुत अधिक संख्या में बड़े और भारी गमले रखने से बचना बेहतर माना जाता है। छोटे और सीमित संख्या में पौधे रखकर छत को व्यवस्थित तरीके से सजाया जा सकता है। वास्तु के अनुसार पौधों को पश्चिम दिशा की ओर रखना बेहतर माना जाता है। गमलों को एक जगह व्यवस्थित ढंग से रखने की सलाह दी जाती है, जिससे छत का बाकी हिस्सा खुला और ज्यादा भारी न लगे।
उत्तर और पूर्व दिशा को रखें खुला
वास्तु शास्त्र में उत्तर और पूर्व दिशाओं को विशेष महत्व दिया जाता है। इन दिशाओं को हल्का और खुला रखना शुभ माना जाता है। इसलिए इन स्थानों पर बहुत अधिक संख्या में भारी गमले या अन्य सामान रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार, उत्तर और पूर्व दिशा में अधिक भार या अव्यवस्था होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसे परिवार की प्रगति, शिक्षा और नए अवसरों से भी जोड़कर देखा जाता है।
सूखे और मुरझाए पौधे तुरंत हटाएं
अगर छत पर पौधे रखे हैं तो उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। सूखे, मुरझाए या खराब हो चुके पौधों को लंबे समय तक वहीं पड़े रहने देना वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता। समय-समय पर पौधों की छंटाई करें, सूखे पत्ते हटाएं और खराब पौधों को बदल दें। इससे छत साफ-सुथरी और व्यवस्थित भी बनी रहेगी।
जरूरी बात
छत पर पौधे रखना शुभ है या अशुभ, इसे लेकर अलग-अलग वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताएं मिलती हैं। इसलिए इसे निश्चित धार्मिक नियम के रूप में नहीं, बल्कि वास्तु संबंधी मान्यता के तौर पर देखना चाहिए। पौधों की संख्या और दिशा तय करते समय छत की संरचना, पानी की निकासी और सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं तथा सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। नेशनल जगत विजन इसकी पुष्टि नहीं करता है।
