Mangal Uday 2026: 2 मई को होगा मंगल ग्रह पर दहन खत्म, मेष, वृश्चिक, तुला राशि वालों के जीवन में लौटेगी रौनक

Mangal Uday 2026: 2 मई को होगा मंगल ग्रह पर दहन खत्म, मेष, वृश्चिक, तुला राशि वालों के जीवन में लौटेगी रौनक

Mars Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है. ग्रहों के अस्त (दहन) और उदय होने का सीधा असर व्यक्ति के जीवन, करियर और मानसिक स्थिति पर पड़ता है. ऐसे में 2 मई 2026 का दिन खास होने जा रहा है, क्योंकि मंगल ग्रह करीब 182 दिनों तक अस्त रहने के बाद फिर से उदय होने जा रहे हैं, जो कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है. मंगल ग्रह को ज्योतिष में साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और भाई-बंधुओं का कारक माना जाता है. इनके उदय होने से जीवन में ठहराव खत्म होता है और नई ऊर्जा का संचार होता है. खासकर मेष, वृश्चिक और तुला राशि वालों के जीवन में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है.

क्या होता है मंगल का दहन और उदय?
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो उसकी शक्ति कमजोर हो जाती है, इसे ही दहन (अस्त होना) कहा जाता है. इस दौरान ग्रह अपने पूर्ण प्रभाव नहीं दे पाता. वहीं जब ग्रह सूर्य से दूर होकर फिर से दिखाई देने लगता है, तो उसे उदय कहा जाता है. यह स्थिति ग्रह की शक्ति को फिर से सक्रिय कर देती है.

मंगल उदय का समय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 2 मई 2026 को सुबह 4:30 बजे मंगल ग्रह का दहन समाप्त होगा और वे उदित होंगे. मंगल जब अस्त होते हैं, तो सुस्ती या कामों में बाधाएं महसूस की जाती हैं, लेकिन उदय होते ही आत्मविश्वास और शक्ति में वृद्धि होती है.

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इन राशियों पर होगा सबसे शुभ प्रभाव

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मेष राशि
मंगल मेष राशि के स्वामी हैं. इसलिए उदय होने के बाद उनके रुके हुए काम गति पकड़ेंगे. स्वास्थ्य में सुधार होगा और करियर में नए अवसर प्राप्त होंगे.

वृश्चिक राशि
मंगल का उदय होना वृश्चिक राशि के लिए भी वरदान से कम नहीं है. पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और संपत्ति से जुड़े मामलों में बड़ा लाभ मिलने के योग हैं.

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा. पारिवारिक जीवन में चल रहा तनाव कम होगा और जीवन में रौनक लौटेगी.

अधिकमास और हनुमान साधना का विशेष संयोग
साल 2026 में अधिकमास का होना इस खगोलीय घटना को और भी आध्यात्मिक बना रहा है. चूंकि मंगल के अधिष्ठाता देव हनुमान जी हैं, इसलिए इस दौरान उनकी साधना विशेष फलदायी मानी जा रही है. मान्यता के अनुसार, अधिकमास में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करने से मंगल के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. नेशनल जगत विज़न इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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