‘वंदे मातरम’ से गूंजा संसद परिसर, तिरंगे के साथ NDA का शक्ति प्रदर्शन; झारखंड छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरने की तैयारी
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के बीच आज NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में सत्ता पक्ष की एकजुटता का संदेश दिखाई दिया। संसद पुस्तकालय में हुई बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत NDA के कई सांसद इस दौरान हाथों में तिरंगा लिए नजर आए। बैठक में संसद की आगामी कार्यवाही को लेकर रणनीति बनाने के साथ-साथ झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। सत्ता पक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाकर झारखंड सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है।
तिरंगे के साथ दिखी NDA की एकजुट तस्वीर
‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत NDA के प्रमुख नेताओं की तिरंगे के साथ तस्वीर सामने आई। बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष से हुई, जिसने कार्यक्रम को राजनीतिक रणनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश भी दिया। संसद सत्र के दौरान होने वाली यह बैठक NDA के घटक दलों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें सदन की कार्यवाही, महत्वपूर्ण विधेयकों और विपक्ष के मुद्दों पर गठबंधन की साझा रणनीति पर चर्चा की जाती है।
झारखंड छात्र आंदोलन पर सत्ता पक्ष का फोकस
बैठक में झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। NDA सांसद झारखंड सरकार पर छात्रों के साथ कथित व्यवहार को लेकर सवाल खड़े करने की तैयारी में हैं। संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में पोस्टर भी दिखाई दिए। सत्ता पक्ष का आरोप है कि झारखंड सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से बच रही है, जबकि NDA इस मामले को सदन में उठाना चाहता है। अब देखना होगा कि संसद की कार्यवाही के दौरान यह मुद्दा कितना बड़ा राजनीतिक विवाद बनता है।
संसद में रणनीति पर हुआ मंथन
बैठक में केवल झारखंड का मुद्दा ही नहीं, बल्कि संसद की आगामी कार्यवाही को लेकर NDA की रणनीति पर भी चर्चा हुई। महत्वपूर्ण विधेयकों और बहस के दौरान सभी सहयोगी दलों के सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने, विपक्ष के सवालों का जवाब देने और सरकार के पक्ष को प्रभावी तरीके से रखने पर जोर दिया गया। NDA के घटक दलों के सांसदों के बीच प्रमुख मुद्दों को लेकर जिम्मेदारियां और समन्वय भी बैठक का अहम हिस्सा रहा।
क्या है ‘मंगल मिलन’?
‘मंगल मिलन’ NDA संसदीय दल की साप्ताहिक समन्वय बैठक का नया नाम है। इसका उद्देश्य गठबंधन के विभिन्न सहयोगी दलों के सांसदों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और संसद की कार्यवाही के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। बैठक में भाजपा के साथ NDA के सहयोगी दलों के सांसद भी शामिल होते हैं। संसद सत्र के दौरान यह बैठक सरकार और सहयोगी दलों के बीच रणनीतिक समन्वय का महत्वपूर्ण मंच बन जाती है।
पिछली बैठक में भी विकास और रोजगार पर हुई थी चर्चा
इससे पहले हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक में देश के विकास, रोजगार और सरकार की उपलब्धियों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने के आरोप भी लगाए थे। अब मौजूदा बैठक में NDA ने एक बार फिर सदन के भीतर एकजुटता और समन्वय पर जोर दिया है। झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष की रणनीति आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही को राजनीतिक रूप से और गरमा सकती है।
