दर्द में राहत के लिए किचन की ये चीजें आ सकती हैं काम, जानें किन परेशानियों में मिल सकती है मदद
घर की रसोई में मौजूद कई मसाले और खाद्य पदार्थ सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं होते, बल्कि पारंपरिक तौर पर छोटी-मोटी तकलीफों में भी इनका इस्तेमाल किया जाता रहा है। हल्दी, लौंग, अजवायन और अदरक जैसी चीजों में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें सूजन या दर्द से जुड़े लक्षणों में मदद करने की क्षमता हो सकती है। हालांकि, इन्हें किसी बीमारी या गंभीर चोट का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। खासकर तेज या लगातार दर्द होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं, रोजमर्रा की किन परेशानियों में ये चीजें कुछ राहत दे सकती हैं।
हल्दी से सूजन में मिल सकती है राहत
हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर इसके सूजनरोधी गुणों को लेकर शोध हुए हैं। चोट या हल्की सूजन की स्थिति में हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर किया जाता है। हल्दी वाला दूध भी कई घरों में मांसपेशियों की थकान या हल्की असहजता के दौरान लिया जाता है। हालांकि, चोट वाली जगह पर सीधे हल्दी या तेल लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि त्वचा पर कट या खुला घाव तो नहीं है।
दांत दर्द में लौंग का इस्तेमाल
लौंग में यूजेनॉल नामक यौगिक पाया जाता है, जिसमें हल्का दर्द कम करने और स्थानीय सुन्नपन से जुड़े गुण हो सकते हैं। इसी वजह से दांत दर्द में लौंग का पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। लौंग को हल्के तौर पर दांत के पास रखा जाता है या लौंग आधारित उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर दांत में तेज दर्द, सूजन, पस या बुखार हो, तो यह केवल अस्थायी राहत दे सकता है। ऐसी स्थिति में डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है।
गैस और पेट की ऐंठन में अजवायन
अजवायन का इस्तेमाल भारतीय घरों में गैस और अपच जैसी छोटी-मोटी पाचन संबंधी परेशानियों में लंबे समय से किया जाता रहा है। अजवायन को हल्का भूनकर थोड़ी मात्रा में गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है। हालांकि, पेट दर्द का कारण हमेशा गैस नहीं होता। अगर दर्द बहुत तेज हो, लगातार बना रहे या इसके साथ उल्टी, बुखार या खून आने जैसे लक्षण हों, तो घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
पीरियड्स के दर्द में अदरक
पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन में अदरक कुछ महिलाओं के लिए मददगार हो सकती है। अदरक में मौजूद कुछ यौगिकों के सूजनरोधी प्रभाव पर भी अध्ययन हुए हैं। अदरक की हल्की चाय बनाकर पीना एक आसान विकल्प है। इसमें स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है। लेकिन अगर पीरियड्स का दर्द बहुत ज्यादा हो, हर महीने बढ़ रहा हो या सामान्य काम प्रभावित कर रहा हो, तो इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
गले की परेशानी में काली मिर्च
काली मिर्च का इस्तेमाल भी पारंपरिक तौर पर गले की हल्की परेशानी और सर्दी-जुकाम के दौरान किया जाता है। इसे गर्म पानी या चाय में थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है। हालांकि, काली मिर्च किसी संक्रमण का इलाज नहीं करती। ज्यादा मात्रा में लेने से कुछ लोगों को पेट में जलन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
कब घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें?
किचन में मौजूद चीजें छोटी-मोटी और अस्थायी परेशानी में राहत देने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इन्हें दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। खासकर इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें
- अचानक या बहुत तेज दर्द हो।
- दर्द लगातार बढ़ रहा हो।
- चोट के बाद ज्यादा सूजन या विकृति दिखाई दे।
- बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण हों।
- दांत दर्द के साथ चेहरे या मसूड़ों में सूजन हो।
- पेट दर्द के साथ खून आने या लगातार उल्टी की समस्या हो।
- घरेलू उपाय करने के बाद भी दर्द कम न हो।
ध्यान रखें: हर व्यक्ति पर घरेलू नुस्खों का असर एक जैसा नहीं होता। एलर्जी, गर्भावस्था, दूसरी बीमारियों या नियमित दवाओं की स्थिति में किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
