अपडेट....जल संसाधन विभाग में प्रमोशन का बड़ा खेल: ACR में 'क' की जगह 'क+' कर हासिल की एसई की कुर्सी

अपडेट....जल संसाधन विभाग में प्रमोशन का बड़ा खेल: ACR में 'क' की जगह 'क+' कर हासिल की एसई की कुर्सी

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग में प्रमोशन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। यहां कार्यपालन अभियंता (सिविल) से अधीक्षण अभियंता (सिविल) के पद पर हुए हालिया प्रमोशन में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। जिन दो अधिकारियों को प्रमोशन लिस्ट में जगह मिली, उनके गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) के मूल्यांकन अंकों में हेराफेरी करने की बात सामने आई है। विभागीय नियमों के विपरीत, बिना तीन साल की सेवा पूरी किए ही दोनों अधिकारियों को एसई की कुर्सी दे दी गई।

महानदी भवन स्थित जल संसाधन विभाग (मंत्रालय) ने 25 फरवरी 2026 को आदेश (फाइल नंबर ESTB-102(1)/1/2026-WRD) जारी किया था। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक के बाद कुल 18 कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता (मैट्रिक्स लेवल-14, वेतनमान ₹79,900–₹2,11,700) के पद पर प्रमोट किया गया। इस सूची में वरिष्ठता क्रमांक 48 पर आशुतोष सारस्वत और 49 पर वेद प्रकाश पांडेय का नाम दर्ज है।

प्रमोशन के इस पूरे मामले की सच्चाई गोपनीय प्रतिवेदन की ग्रेडिंग में छिपी है। आशुतोष सारस्वत और वेद प्रकाश पांडेय साल 2009 में सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर विभाग में आए थे। 28 जून 2023 को इन्हें कार्यपालन अभियंता बनाया गया था। प्रमुख अभियंता कार्यालय के मूल रिकॉर्ड (मतांकन पत्रक) के मुताबिक, प्रमोशन के लिए विचारण क्षेत्र में आए इन अधिकारियों की पिछले सालों की ग्रेडिंग में सारस्वत को मार्च 2022 में 'क+/क' और पांडेय को मार्च 2021 व 2022 में 'क' मिला था।

Read More Ranchi News: 15 हजार देकर विदेश गई युवती, दुबई पहुंचते ही बदली कहानी; पासपोर्ट-मोबाइल लेने का आरोप, परिवार परेशान

आरोप है कि जब 11 फरवरी 2026 को डीपीसी के लिए लिस्ट तैयार की गई, तो इन दोनों के रिकॉर्ड बदल दिए गए। आशुतोष सारस्वत पर अपनी 'क' ग्रेडिंग को 'क+' में बदलने का आरोप है। वहीं, वेद प्रकाश पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी के साथ मिलकर अपनी ग्रेडिंग 'क' से 'क+' करवा ली।

Read More  Job Fraud Chhattisgarh: नौकरी लगाने के नाम पर किस्तों में लिए 2.09 लाख, फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप, पूर्व BJP नेता और बेटे पर FIR

नियमानुसार एसीआर में किसी भी बदलाव के लिए सक्षम अधिकारी का लिखित आदेश जरूरी होता है, साथ ही संबंधित अधिकारी को इसकी पूर्व सूचना देनी होती है। लेकिन यहां न तो लोक सेवा आयोग (पीएससी) को कोई पत्र लिखा गया और न ही विभाग से कोई आदेश निकला। बिना किसी आदेश के नया और बदला हुआ रिकॉर्ड पीएससी की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया और इसी फर्जी आधार पर डीपीसी की बैठक भी हो गई।

           गड़बड़ी केवल एसीआर ग्रेडिंग तक सीमित नहीं है। विभागीय नियम के अनुसार कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण अभियंता बनने के लिए कम से कम तीन साल की सेवा अवधि पूरी होनी चाहिए। रिकॉर्ड बताते हैं कि आशुतोष सारस्वत, वेद प्रकाश पांडेय और आई.ए. सिद्दीकी 28 जून 2023 को ईई बने थे। 25 फरवरी 2026 को जब प्रमोशन का आदेश निकला, तब इनकी सेवा अवधि सिर्फ 2 साल 8 महीने ही थी। तीन साल का समय पूरा नहीं होने के बावजूद इन्हें कैबिनेट स्तर से मिलने वाली छूट का अनुचित लाभ दिया गया, जबकि यह छूट अपूर्ण सेवा अवधि पर लागू नहीं होती। पुरानी 'क' ग्रेडिंग को ही 'क+' बताकर, बिना किसी वैध आदेश के प्रमोशन ले लिया गया। इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार निवारण के प्रावधानों (धारा 420) के तहत बताते हुए अनुशासनात्मक और आपराधिक जांच की मांग की गई है।

 

मामले को लेकर की गई शिकायत में मुख्य रूप से चार मांगें रखी गई हैं:

  •  आशुतोष सारस्वत और वेद प्रकाश पांडेय का अधीक्षण अभियंता पद पर हुआ प्रमोशन तुरंत रद्द किया जाए।
  •  एसीआर की वास्तविक और बिना बदली हुई ग्रेडिंग के आधार पर दोबारा डीपीसी बुलाई जाए।
  •  रिकॉर्ड में हेरफेर करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक जांच शुरू की जाए।
  •  पीएससी की वेबसाइट पर बिना आदेश के अपलोड किए गए रिकॉर्ड के मामले
  • की भी जांच हो।
Tags:

Latest News

धू-धूकर जला दो करोड़ का वाहन, चालक ने कूदकर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट की आशंका धू-धूकर जला दो करोड़ का वाहन, चालक ने कूदकर बचाई जान, शॉर्ट सर्किट की आशंका
खेत में टूटा था बिजली का तार, करंट की चपेट में आया कोटवार; 5 दिन तक खेत में पड़ा रहा शव
Bhilai Nagar Nigam Scam: पेवर ब्लॉक कामों में 12.66 करोड़ की गड़बड़ी की जांच, 9 अफसरों को नोटिस; 33 फाइलें जांच के घेरे में
GPM News: जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में नवजात का शव मिलने से हड़कंप, CCTV से तलाशे जा रहे सुराग
22 साल से संतान का इंतजार, उम्र बनी बाधा तो हाईकोर्ट ने दी राहत, 47 वर्षीय पत्नी को IVF की मिली अनुमति
‘केके’ टैटू ने खोला हत्या का राज, प्रेमिका को पत्थर से कुचलने वाले प्रेमी को उम्रकैद
पुराना बस स्टैंड में घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, नीचे पुलिस-प्रशासन की भीड़… ऊपर तेज हवा में बेखौफ खड़ी रही महिला
कैमरे के सामने बेबाकी पड़ी भारी! सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो गिरफ्तार, मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में किया पेश
Surguja Crime: कार्यक्रम देखने निकली नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप, एक नाबालिग समेत 3 आरोपी पकड़े गए
CM Sai Singapore Visit: 43,600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ रायपुर लौटे सीएम साय, AI Data Center से Green Energy तक बड़े प्रोजेक्ट
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, ₹2 करोड़ जमा करने का निर्देश; भुगतान में देरी पर बढ़ी मुश्किल
Surajpur Crime: पति की जमानत का झांसा पड़ा भारी, महिला की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार; न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल