26 जनवरी पर शहर की सड़कों पर जोरदार स्टंट: पुलिस की नाक के नीचे रसूखदारों ने उड़ाई कानून की धज्जियां

26 जनवरी पर शहर की सड़कों पर जोरदार स्टंट: पुलिस की नाक के नीचे रसूखदारों ने उड़ाई कानून की धज्जियां

बिलासपुर। न्यायधानी में गणतंत्र दिवस के मौके पर जब चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के दावे किए जा रहे थे, तब रसूखदार युवकों की एक टोली शहर की मुख्य सड़कों पर मौत का खेल खेल रही थी। गांधी चौक से लेकर राजकिशोर नगर और तोरवा तक कार सवार युवकों ने सरेराह खतरनाक स्टंट किए जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि घंटों तक चले इस नंगे नाच के दौरान न तो ट्रैफिक पुलिस कहीं दिखी और न ही किसी पेट्रोलिंग टीम ने इन्हें रोकने की हिम्मत दिखाई।

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खाकी का खौफ खत्म या सिस्टम फेल

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हजारों लोगों की भीड़ और वीआईपी मूवमेंट वाले दिन इन स्टंटबाजों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। कार की खिड़कियों से बाहर लटककर और तेज रफ्तार में गाड़ियां लहराकर इन लड़कों ने कई राहगीरों की जान जोखिम में डाल दी। बीच शहर में हुए इस तमाशे ने यह साफ कर दिया है कि बिलासपुर पुलिस का खौफ अब केवल कागजों और सोशल मीडिया की रील तक सीमित रह गया है। सड़कों पर सरेआम गुंडागर्दी हो रही थी और जिम्मेदार अधिकारी शायद थानों में बैठकर जश्न मना रहे थे।

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एसएसपी का निर्देश दरकिनार....

गणतंत्र दिवस के पूर्व जिले के एसएसपी रजनेश सिंह ने सोशल मीडिया पर शॉर्ट फिल्म और वीडियो संदेशों के जरिए कड़े संदेश जारी किए थे और स्टंट को लेकर साफ कहा था कि स्टंट बाजों पर कार्यवाही होगी लेकिन हकीकत यह है कि उनके निर्देशों की हवा खुद उनके ही मातहत कर्मचारी निकाल रहे हैं। अगर शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी इन स्टंटबाजों को देख रहे थे और फिर भी चुप रहे, तो यह उनकी मिलीभगत है या फिर घोर निष्क्रियता। 

क्या पुलिस केवल तभी जागती है जब कोई वीडियो वायरल होकर उनकी फजीहत कराने लगता है?

सड़कों पर अराजकता और जनता में डर

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह स्टंटबाजी काफी देर तक चली। कार सवार युवक लगातार हार्न बजाते और लोगों को डराते हुए निकल रहे थे। जिस समय शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए थे, उस समय पुलिस की यह सुस्ती किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही थी। 

वीडियो से होगा चेहरे का खुलासा

पुलिस अब वीडियो के आधार पर नंबर प्लेट और युवकों की पहचान करने की बात कह रही है। लेकिन सवाल वही है कि जब यह सब सरेआम हो रहा था तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ युवक रसूखदार परिवारों से ताल्लुक रखते हैं, यही वजह है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आंखें मूंद ली थीं।

 

 

डिस्क्लेमर: यह खबर वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पुलिस की जांच के बाद ही दोषियों के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई और पहचान की पुष्टि हो सकेगी।

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