Kanker Liquor Case: भानुप्रतापपुर शराब कांड में बड़ा अपडेट, 4 हजार से ज्यादा खाली बोतलें मिलने के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में कथित शराब मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी रायपुर में मिले। इससे पहले इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। वहीं, मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था।
रायपुर से पकड़े गए दो आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरुषोत्तम गुप्ता (30) और इंद्रजीत गुप्ता उर्फ गोलू (24) के रूप में हुई है। दोनों गरियाबंद के आजाद चौक के निवासी बताए गए हैं। मामले में फरार चल रहे इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
किराए के मकान में मिली थी पैकेजिंग सामग्री
यह मामला 8 सितंबर 2026 को सामने आया था। पुलिस को ग्राम बसंत नगर, नारायणपुर में उत्तम देवनाथ के किराए के मकान में कथित अवैध शराब मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग में इस्तेमाल होने की आशंका वाली सामग्री रखे होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानुप्रतापपुर पुलिस ने मकान की तलाशी ली। इस दौरान शराब की पैकेजिंग से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
4,409 खाली बोतलें और हजारों ढक्कन जब्त
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामग्री में 105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम, 4,409 खाली बोतलें, पौवा और अद्धी, खाली पौवा की 170 पेटियां तथा अलग-अलग ब्रांडों के 3,380 ढक्कन शामिल थे। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 पौवा भी जब्त किए गए थे। इतनी बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री मिलने के बाद मामले की जांच तेज की गई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और कथित गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
आबकारी विभाग के दो अधिकारी निलंबित
इस प्रकरण में जिला आबकारी अधिकारी मधुकल हरित श्याम और आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, निलंबन अपने आप में किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं है। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
जांच के अगले चरण पर नजर
दो और गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस की जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर बनी हुई है। बरामद सामग्री के स्रोत, उसके संभावित इस्तेमाल और आरोपियों के बीच संबंधों को लेकर जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, पुलिस कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की आगे की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
