सरकारी जमीन पर 17 साल से कब्जा, चिमनी भट्टे चलाकर खोदी जमीन, आधा क्षेत्र तालाब में तब्दील 

सरकारी जमीन पर 17 साल से कब्जा, चिमनी भट्टे चलाकर खोदी जमीन, आधा क्षेत्र तालाब में तब्दील 

बिलासपुर। सरकारी जमीन पर दशकों से चल रहे अवैध चिमनी भट्टों पर आखिरकार प्रशासन की गाज गिरी है। मीडिया की खबर के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू ने एक जांच टीम बनाई है। यह टीम अब तहसीलदार गरिमा ठाकुर के नेतृत्व में जमीन के मिसल रिकॉर्ड पट्टों और अन्य अभिलेखों की गहनता से जांच करेगी। मोपका बूटापारा क्षेत्र में अरपा प्रोजेक्ट के पास यह सरकारी जमीन है जहां कम से कम 35 चिमनी भट्टे धड़ल्ले से चल रहे हैं। इनमें बिलासपुर की मेयर पूजा विधानी सहित 35 से अधिक व्यापारियों के नाम सामने आए हैं। हैरत की बात यह है कि इन अवैध गतिविधियों को वर्षों से न तो खनिज विभाग ने देखा न पटवारियों ने कोई कार्रवाई की। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसकी शह पर इतना बड़ा अवैध कारोबार फल फूल रहा था और प्रशासन खामोश था।

 

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कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम ने जांच कमेटी का गठन किया है और जिम्मेदारी तहसीलदार को सौंपी है। मिट्टी की अवैध खुदाई से सरकारी जमीन में जगह जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं जो अब तालाब का रूप ले चुके हैं। खनन माफिया की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार 1980 से 2000 के बीच कुछ खनिज पट्टे जारी हुए थे जिनकी वैधता अब खत्म हो चुकी है फिर भी चिमनी भट्टे लगातार चल रहे हैं। यह संदेह पैदा करता है कि कौन से अधिकारी इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे थे।

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इस पूरे मामले में सबसे विवादित खसरा नंबर 993 है जो मोपका में सबसे ज्यादा अवैध खनन वाला क्षेत्र है। यह खसरा नंबर 242 एकड़ से अधिक है। पूर्व कलेक्टर अवनीश शरण के समय भी इसकी जांच शुरू हुई थी तब सामने आया था कि तात्कालीन जनप्रतिनिधि ने गलत तरीके से पट्टे लिए थे। कई शिकायत आवेदनों में बताया गया था कि सरकारी जमीन को निजी बना लिया गया है।

जांच टीम कई बिंदुओं पर पड़ताल करेगी। इसमें मिसल रिकॉर्ड और अभिलेखों की जांच सरकारी और निजी जमीन की सीमा तय करना शामिल है। साथ ही खनिज पट्टों की जांच भी होगी कि किसे कब और कितनी जमीन के लिए पट्टे दिए गए और वे कब खत्म हुए। भट्टे चलाने के लिए कच्ची मिट्टी की खुदाई की गई जिससे अब जमीन पर तालाब बन गए हैं। खसरा नंबर 2534 2527/1 2527/2 जैसी कई जमीनें है जो निस्तार पत्रक में सरकारी हैं लेकिन 2534/3 के एक हिस्से में 1.0600 हेक्टेयर भूमि पुष्पा पति गिरधारी के नाम पर दर्ज होने की बात सामने आ रही है। इन तथ्यों के हिसाब से यह मामला जांच का एक बड़ा विषय रहा।

        एसडीएम बिलासपुर मनीष साहू ने बताया कि मोपका में संचालित चिमनी भट्टे के संचालन के संबंध में जांच का निर्देश मिला है। जल्द ही इस मामले में जांच शुरू की जाएगी। यह निजी या सरकारी जमीन है यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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