दिल्ली-NCR में H1N1 का बढ़ता कहर! दिल्ली में 2308 केस, नोएडा में 24 घंटे में 105 नए मरीज
नई दिल्ली। मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-NCR में फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। राजधानी दिल्ली में H1N1 संक्रमण के 2,308 मामले सामने आने की जानकारी है। वहीं नोएडा में महज एक दिन के भीतर मामलों में तेज उछाल ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली और आसपास के जिलों में निगरानी, जांच और अस्पतालों की तैयारियों पर फोकस बढ़ाया जा रहा है।
नोएडा में एक दिन में बदली तस्वीर
गौतमबुद्ध नगर में संक्रमण के आंकड़ों में अचानक तेजी दर्ज की गई। सोमवार तक जहां 15 मामले बताए जा रहे थे, वहीं मंगलवार को 105 नए मरीज सामने आने के बाद कुल संख्या 120 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इनमें बड़ी संख्या में मामलों की पुष्टि निजी अस्पतालों में हुई है। जिले में H1N1 की जांच के लिए नमूने PGI भेजे जा रहे हैं।
दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा
राजधानी में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की निगरानी, टेस्टिंग और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल H1N1 को प्रमुख इन्फ्लुएंजा सबटाइप के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि पिछले साल H3N2 का प्रभाव ज्यादा था।
सिर्फ फ्लू ही नहीं, डेंगू-मलेरिया पर भी नजर
दिल्ली में मौसमी बीमारियों का दबाव भी बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार डेंगू के 570 और मलेरिया के 215 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि इन संक्रमणों से मौत की सूचना नहीं है। प्रशासन ने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव जैसी गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
लक्षण दिखें तो खुद से दवा लेने से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।खासकर सांस लेने में दिक्कत या हालत तेजी से बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल या दूसरी दवाएं लेना उचित नहीं है।
अस्पतालों में तैयारी बढ़ाने पर जोर
बढ़ते मामलों के बीच प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि गंभीर मरीजों को समय पर पहचानकर इलाज मिल सके। SARI और ILI जैसे फ्लू संबंधी मामलों की निगरानी मजबूत करने के साथ टेस्टिंग और सर्विलांस बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली-NCR में फिलहाल हालात पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। आंकड़े बढ़ जरूर रहे हैं, लेकिन लोगों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है, घबराने के बजाय सावधानी बरतें और लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।
