भ्रष्टाचार का बांध टूटा: 12 गांव का पानी बंद: 6.83 करोड़ से बना एनीकट 5 साल भी नहीं टिका, रेलिंग व गेट का ढांचा टूटा आधा हिस्सा बहा
बिलासपुर। कोटा तहसील के पहन्दा में बना 6 करोड़ का एनिकट 5 साल भी नहीं टिका आलम यह है कि पिछली बारिश में एनीकट पूरी तरह बह गया। बिलासपुर जिले के कोटा तहसील के पहन्दा अन्य कट के लिए वर्ष 2012 में 683.35 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी निर्माण के बाद से ही इस एनीकट की दीवारों में दरारें आने शुरू हो गई थी ।
वर्ष 2021 में करोड़ों की लागत से बना यह एनीकट पूरी तरह बह गया ।
जिसके पीछे प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर निर्माण सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
एनीकट के बह जाने के बाद किसानों को सिंचाई की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरी गफलत को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि एनीकट के बाउंड्रीवाल में पहले से ही दरारें आ गई थीं जिसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी। लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पिछले साल हुई मूसलाधार बारिश के कारण एनीकट का एक बड़ा हिस्सा पहले गिरा और फिर पूरा ढांचा पानी के तेज बहाव में बह गया। इस घटना से आसपास के किसानों में भारी आक्रोश है क्योंकि यह एनीकट उनकी सिंचाई का मुख्य साधन था।
इस संबंध में जब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो किसी ने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। स्थानीय किसान नेता रामलाल पटेल ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को जल्द से जल्द नए एनीकट का निर्माण करवाना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि इस एनीकट का निर्माण लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और इसका उद्देश्य 350 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना था। लेकिन घटिया निर्माण सामग्री और देखरेख की कमी के चलते यह महत्वाकांक्षी परियोजना विफल हो गई। अब किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें अपनी फसलें बचाने की चिंता सता रही है।
मेसर्स महामाया डेवलपर्स एवं बिल्डकॉन पर लापरवाही के आरोप
बिलासपुर ग्रेड ए ठेकेदार और सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आलोक अग्रवाल के रिश्तेदार मेसर्स महामाया डेवलपर्स एवं बिल्डकॉन पर गुणवत्ता विहीनकार्य करने के आरोप लगे हैं बताया जा रहा है कि बिल्डकॉन के मालिक पवन अग्रवाल सिंचाई विभाग के बड़े अधिकारी आलोक अग्रवाल का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते उन्होंने मामले में लापरवाही बरती और घटिया निर्माण सामग्री से पूरे एनीकट का निर्माण कर दिया । एनीकट बह जाने के बाद अब भ्रष्टाचार की परतें उभरने लगी है।
बता दें कि एक ऐसे ही मामले में बहुचर्चित तुर्काडीह पुल निर्माण घोटाला पर विभाग ने बड़ी कार्यवाही कर ठेकेदार सहित मामले से जुड़े सभी अधिकारियों पर बड़ी कार्यवाही की थी । इधर पहन्दा एनीकट मामले में विभाग की अनदेखी कई सवाल खड़े करती है क्यों इस मामले में विभाग ने एक जांच बताई जिसमें जांच करता अधिकारियों ने पल में दरार कहकर मामले में लीपापोती कर दी
