सुशासन तिहार में फूटा जनआक्रोश: सचिव की कथित बैकडोर एंट्री से लेकर आवास-बिजली विवाद तक उठे सवाल
मुंगेली। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार के दौरान नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित समाधान शिविर में कई ऐसी शिकायतें सामने आईं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत सचिव के कथित समायोजन, प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी और बिजली बिल गड़बड़ी जैसे मामलों ने लोगों का ध्यान खींचा है।
पंचायत सचिव के समायोजन पर उठे सवाल
शिविर में प्रांशु कुमार नामक युवक ने शिकायत दर्ज कर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव के नगर पंचायत जरहागांव में कर्मचारी के रूप में किए गए कथित समायोजन की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पंचायत सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन कार्यरत होते हैं, जबकि नगर पंचायत नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत आती है।
ऐसे में बिना स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया या शासनादेश के हुए इस समायोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। युवक ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नियुक्ति या समायोजन किस नियम और प्रक्रिया के तहत किया गया। क्षेत्र में इसे लेकर कथित "बैकडोर एंट्री" की चर्चा भी तेज हो गई है।
आवास स्वीकृत, लेकिन निर्माण शुरू नहीं
नगर पंचायत निवासी रामकुमार ध्रुव ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनका आवास करीब तीन महीने पहले स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमति और प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। हितग्राही के अनुसार, उन्हें अलग-अलग कारण बताकर लगातार कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बरसात नजदीक होने के कारण उनका परिवार अब भी पक्के मकान की प्रतीक्षा कर रहा है।
बिजली बिल विवाद फिर पहुंचा प्रशासन तक
एक अन्य शिकायतकर्ता पूर्णिमा जायसवाल ने बिजली बिल में गड़बड़ी का मामला उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत मीटर रीडिंग के कारण उन्हें करीब 52 हजार रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। उनका कहना है कि बिजली विभाग और जनदर्शन में कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अब उन्होंने वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने और मामले की जांच की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
इन सभी शिकायतों के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों की बिंदुवार जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिकायतों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
