छत्तीसगढ़ में आज धूमधाम से मनेगा धनतेरस, बाजारों में उमड़ी भीड़; स्कूलों में 6 से 11 नवंबर तक दीपावली की छुट्टी
रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर में आज 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। दीपावली पर्व की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर में उत्सव का माहौल बन गया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों के बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। धनतेरस के अवसर पर खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा के चलते लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार
सामान खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के स्कूलों में आज से दीपावली का अवकाश भी शुरू हो रहा है। इस बार विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार छह दिनों की छुट्टी मिलेगी। शासन ने पहले पांच दिनों का अवकाश घोषित किया था, लेकिन बाद में इसमें संशोधन कर छह दिन कर दिया गया।
धनतेरस पर रायपुर के बाजारों में रौनक, खरीदारी को लेकर उत्साह
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने और नई वस्तुओं की खरीदारी करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
राजधानी रायपुर के प्रमुख बाजारों में धनतेरस को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। ज्वेलरी दुकानों, बर्तन बाजारों और इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। लोग सोने-चांदी के आभूषणों के साथ सिक्के, चांदी के बर्तन, पूजा सामग्री और घरेलू जरूरत के सामान खरीद रहे हैं।
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा भी काफी पुरानी है। इसी वजह से बर्तन दुकानों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। इसके अलावा मोबाइल, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदारी में भी लोगों की दिलचस्पी नजर आ रही है।
व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस और दीपावली के चलते बाजारों में अच्छी बिक्री होगी। त्योहार के इस माहौल से कारोबारियों में भी उत्साह है। बाजारों में सजी दुकानों और आकर्षक सजावट के बीच लोग परिवार के साथ खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
भगवान धन्वंतरि की पूजा कर मांगी जाएगी सुख-समृद्धि
धनतेरस का पर्व केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है।
ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। घरों में पूजा की तैयारियां भी की जा रही हैं। लोग विधि-विधान से पूजा कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करेंगे।
स्कूलों में 6 से 11 नवंबर तक दीपावली अवकाश
धनतेरस के साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए भी दीपावली की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 6 नवंबर से दीपावली अवकाश लागू हो गया है। यह अवकाश कुल छह दिनों का रहेगा और 11 नवंबर तक जारी रहेगा।
शासन ने पहले दीपावली के लिए पांच दिनों की छुट्टी निर्धारित की थी। हालांकि बाद में आदेश में संशोधन करते हुए अवकाश की अवधि बढ़ाकर छह दिन कर दी गई। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार मनाने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
विभागीय आदेश के मुताबिक प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों में यह छुट्टी लागू रहेगी। इसके साथ ही डीएड, बीएड और एमएड कॉलेजों में भी 6 नवंबर से 11 नवंबर तक दीपावली अवकाश रहेगा।
विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिली छह दिन की छुट्टी
दीपावली अवकाश शुरू होने से विद्यार्थियों में खासा उत्साह है। बच्चे अब परिवार के साथ त्योहार की तैयारियों में शामिल हो सकेंगे। वहीं शिक्षक और कॉलेजों के विद्यार्थी भी इस दौरान दीपावली का पर्व मना सकेंगे।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में धनतेरस के साथ दीपावली उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। एक ओर बाजारों में खरीदारी का उत्साह है, तो दूसरी ओर स्कूलों में छुट्टियों के चलते त्योहार की खुशियां बढ़ गई हैं।
