बीजापुर में माओवादियों के डंप से मिले 711 BGL सेल, सुरक्षा बलों ने बरामद किया भारी विस्फोटक
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटकों का बड़ा डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई में कुल 711 नग बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) सेल मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। वहीं, पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों को कर्रेगुट्टा तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी है।
ताड़ापाला एफओबी से निकली थी संयुक्त टीम
मिली जानकारी के मुताबिक, 5 नवंबर को बीजापुर जिले के थाना उसूर क्षेत्र अंतर्गत अग्रिम सुरक्षा पिकेट (एफओबी) ताड़ापाला से संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम अभियान पर निकली थी। इस अभियान में जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 196वीं वाहिनी और 204 कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे।
अभियान के दौरान जवान सर्चिंग करते हुए केजी हिल्स के समीप पहुंचे। इसी दौरान सुरक्षा बलों को माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए विस्फोटक डंप का पता चला। जब मौके की जांच की गई तो वहां बड़ी मात्रा में बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) सेल बरामद हुए। गिनती करने पर इनकी कुल संख्या 711 नग पाई गई।
711 BGL सेल मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
सुरक्षा बलों ने बरामद विस्फोटकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और सावधानियों का पालन करते हुए अपने कब्जे में लिया। BGL सेल का इस्तेमाल ग्रेनेड लॉन्चर के जरिए विस्फोटक हमले करने में किया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में इनकी बरामदगी को सुरक्षा अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां आसपास के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरत रही हैं। हालांकि, बरामद विस्फोटकों के संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में जाने से बचें ग्रामीण
विस्फोटक बरामदगी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय ग्रामीणों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल कर्रेगुट्टा और उसके आसपास की पहाड़ियों तथा जंगलों में जाने से बचें।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इन क्षेत्रों में अभी भी बारूदी सुरंग (IED) और अन्य खतरनाक विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई हो सकती है। ऐसे में जंगलों और पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही करना जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु को छूने की कोशिश न करें।
आने वाले दिनों में चलेगा डी-माइनिंग अभियान
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रभावित इलाकों में डी-माइनिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जंगलों, पहाड़ियों और संभावित संवेदनशील स्थानों पर छिपाए गए आईईडी तथा अन्य विस्फोटक सामग्री की तलाश की जाएगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप निष्क्रिय कर क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध सामान, तार, बम जैसी वस्तु या विस्फोटक सामग्री दिखाई देती है तो उससे दूरी बनाए रखें और तत्काल पुलिस को सूचना दें। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य संभावित खतरे को समाप्त कर स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
