बिलासपुर में अमानक प्लास्टिक पर निगम का प्रहार, बौखलाए मेयर पति ने 'चिरपरिचित' अंदाज में दी अधिकारियों को धमकी, मामला थाने पहुंचा

बिलासपुर में अमानक प्लास्टिक पर निगम का प्रहार, बौखलाए मेयर पति ने 'चिरपरिचित' अंदाज में दी अधिकारियों को धमकी, मामला थाने पहुंचा

बिलासपुर।शहर को अमानक और प्रतिबंधित प्लास्टिक से मुक्त कराने की मुहिम में मुस्तैदी से जुटी नगर निगम की टीम को शायद ही इस बात का अंदाजा था कि उनका सामना प्लास्टिक से ज्यादा 'खतरनाक' राजनीतिक रसूख से होने वाला है। देवरीखुर्द वार्ड में एक नियमित और बेहद जरूरी विभागीय कार्रवाई के दौरान मेयर पति अशोक विधानी ने अपनी उसी 'चिरपरिचित और आक्रामक' शैली में ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा किया, जिसके लिए वे पूरे बिलासपुर में मशहूर हैं। अपनी ड्यूटी कर रहे ईमानदार अधिकारियों को धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का यह पूरा मामला अब तोरवा थाने की दहलीज तक पहुंच गया है।

 92 किलो प्लास्टिक की जब्ती

पूरी घटना 27 अप्रैल की शाम की है। निगम की स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम ने अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत बूटापारा स्थित मिश्रा प्रोविजन स्टोर पर विधिवत छापा मारा। जांच में टीम को वहां से भारी मात्रा में यानी करीब 92 किलो अमानक प्लास्टिक डिस्पोजल मिला। जब टीम प्रभारी दीपक कुमार पंकज और उनके सदस्यों ने नियमानुसार जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई शुरू की, तो दुकानदार संदीप मिश्रा ने पेनाल्टी से बचने के लिए पुराना दांव चला। अपनी गलती छिपाने के लिए दुकानदार ने उल्टा कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों पर ही 20 हजार रुपए मांगने और दुकान में मुफ्त में सिगरेट-कोल्डड्रिंक पीने के बेबुनियाद आरोप मढ़ दिए, जो अक्सर कार्रवाई को भटकाने के लिए लगाए जाते हैं।

 

Read More रायपुर में राशन वाले डकार गए पौने तीन करोड़ की बोरियां: 10 लाख बारदाने बांटे, 5 लाख का कोई अता-पता नहीं

Read More हाईवा से करता था वायर चोरी, 30 हजार के माल सहित आरोपी गिरफ्तार

सुपर मेयर की एंट्री फिर फोन पर गालियों की बौछार

 

इस कहानी में असली राजनीतिक तड़का तब लगा, जब दुकानदार ने सीधे शहर की प्रथम नागरिक की सत्ता का अघोषित संचालन करने वाले यानी मेयर पति अशोक विधानी को फोन मिला दिया। चूंकि दुकानदार सत्ताधारी दल का कार्यकर्ता है, इसलिए मेयर पति ने बिना कोई विलंब किए इस मामले में अपनी दबंग एंट्री दर्ज कराई। सत्ता की हनक और अपने गरम मिजाज के लिए विख्यात अशोक विधानी ने बिना यह जाने कि अधिकारी अपना काम कर रहे हैं, फोन पर ही टीम प्रभारी को वो सब सुना दिया जो उनके शब्दकोश में हमेशा सबसे ऊपर रहता है। मेयर पति के इस आक्रामक 'ट्रैक रिकॉर्ड' को देखते हुए टीम प्रभारी की यह बात शत-प्रतिशत सच और लाजमी ही लगती है कि उन्हें फोन पर जमकर गालियां और धमकियां दी गईं। एक सरकारी कर्मचारी से शांति और मर्यादा से बात करना शायद विधानी जी की विशिष्ट कार्यप्रणाली का हिस्सा ही नहीं है।

 

दूसरे दिन मौके पर पहुंचकर किया हंगामा

 

विवाद का यह एपिसोड केवल फोन तक सीमित नहीं रहा। 28 अप्रैल को जब पेट्रोलिंग टीम नियमानुसार 7 हजार रुपए के जुर्माने की रसीद देने और 92 किलो प्लास्टिक उठाने (चूंकि पहले दिन भारी-भरकम जखीरा ले जाने के लिए काउकैचर उपलब्ध नहीं था) दोबारा उसी दुकान पर पहुंची, तो अशोक विधानी वहां स्वयं भौतिक रूप से प्रकट हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के सामने फिर से जमकर हंगामा किया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। यह विडंबना ही है कि जो टीम अब तक पूरी ईमानदारी से शहर में कार्रवाई कर 15 लाख रुपए का जुर्माना वसूल चुकी है, उसे काम करने देने के बजाय उन पर राजनीतिक धौंस जमाई जा रही है।

 

तोरवा थाने में दर्ज हुई शिकायत

 

आहत टीम प्रभारी दीपक पंकज ने इस अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर तोरवा थाने में मेयर पति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा दी है। जिस तरह से एक अघोषित पद (जिसका संवैधानिक रूप से कोई वजूद ही नहीं है) का बेजा इस्तेमाल करते हुए ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिराने की कोशिश की गई है, उसने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शहर में चर्चा केवल इस बात की है कि निगम की टीम अमानक प्लास्टिक का तो सफलतापूर्वक निपटान कर रही है, लेकिन सत्ता के नशे में चूर ऐसे अमानक राजनीतिक आचरण और रसूख के डिस्पोजल का इंतजाम आखिर कब और कैसे होगा?

 

 

अमानक प्लास्टिक: जिसे बचाने राजनीतिक रसूख दांव पर, वही है शहर के लिए धीमा जहर

 

 

जिस अमानक प्लास्टिक को बचाने के लिए बिलासपुर में राजनीतिक रसूख का नंगा नाच हो रहा है, दरअसल वही हमारे पर्यावरण और शहर के लिए सबसे बड़ा 'धीमा जहर' है। वोट बैंक और चंद मुनाफे की खातिर जिस प्रतिबंधित प्लास्टिक को संरक्षण दिया जा रहा है, वह न केवल शहर की नालियों को चोक कर जलभराव का कारण बनता है, बल्कि उपजाऊ मिट्टी को भी हमेशा के लिए बंजर कर देता है। यह ऐसा लाइलाज कचरा है जो सैकड़ों साल तक नष्ट नहीं होता और इसे निगलकर रोजाना कई बेजुबान जानवर तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। जनस्वास्थ्य को ताक पर रखकर, सत्ता के नशे में चूर जो नेता आज इस जहर की जब्ती का विरोध कर रहे हैं, वे भूल रहे हैं कि यह कल हमारी आने वाली नस्लों के भविष्य को ही हमेशा

के लिए डिस्पोज कर देगा।

 

Tags:

Latest News

PM Awas Yojana: भूपेश बघेल और विजय शर्मा आमने-सामने, आवास के आंकड़ों पर छिड़ी तीखी बहस, जानें किसने क्या कहा.. PM Awas Yojana: भूपेश बघेल और विजय शर्मा आमने-सामने, आवास के आंकड़ों पर छिड़ी तीखी बहस, जानें किसने क्या कहा..
Promotion से ज्यादा Peace जरूरी! Gen Z क्यों ठुकरा रहा Manager बनने का मौका? ‘Conscious Unbossing’ के पीछे छिपी है नई Career Thinking
PM Surya Ghar Yojana: सोलर सिस्टम में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने उठाए सवाल; उच्चस्तरीय जांच की मांग
Blood For Mobile EMI: मोबाइल की EMI नहीं चुकाई तो युवक को बनाया बंधक! खून बेचने के लिए ब्लड बैंक ले जाने का आरोप, पुलिस पर भी उठे सवाल
Hasdeo Arandh News: तारा कोल ब्लॉक की नीलामी से फिर गरमाया हसदेव का मुद्दा, जंगल, आदिवासी अधिकार और सरकार की नीति पर उठे बड़े सवाल
Gurugram Hit and Run Case: सड़क पर महिला बाइकर को टक्कर… फिर कार लेकर फरार! CCTV वायरल होते ही पुलिस ने राजस्थान से आरोपी को दबोचा, 307 में केस
अकेले अफगानिस्तान घूमना पड़ा भारी! बामियान में भारतीय महिला व्लॉगर को रोका, ‘गिरफ्तारी’ की बात से डरीं; सोशल मीडिया पर मांगी मदद
UPI Payment Charges: 2,000 तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, सरकार ने बैंकों को दिया बड़ा निर्देश
Jagdalpur Rain News: मूसलाधार बारिश में डूबा जगदलपुर, कई वार्डों में घरों तक पहुंचा पानी; ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल
Samsung Galaxy S26 FE: भारत में जल्द होगी बिक्री, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 50MP कैमरा से लैस, जानें फीचर्स
मोटापा है फिर भी शरीर में पोषण की कमी? जानिए पेट भर खाने के बावजूद Vitamin और Protein क्यों हो सकते हैं कम
प्रभार की खेती' से हांफ रहा उद्यानिकी विभाग: 11 जिलों में रेगुलर साहब नदारद, 300 किमी के फेरे में निकल रहा अफसरों का दम; 2 साल से अटकी है प्रमोशन फाइल