बस ड्राइवर से करोड़ों की दौलत तक! 28.50 करोड़ कैश और 15 किलो सोने की बरामदगी ने खोले कई राज, कारोबारी का मैनेजर गिरफ्तार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से सामने आए करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने की बरामदगी के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कारोबारी के मैनेजर मिनार मंडल को गिरफ्तार किया है। उसके घर से 28.50 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलो सोना बरामद होने का दावा किया गया है। मामले की जांच अब कथित आर्थिक नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच गई है।
डकैती की जांच से खुला करोड़ों की संपत्ति का सुराग
पुलिस के मुताबिक, एक डकैती मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर मिनार मंडल के घर पर छापा मारा गया। तलाशी के दौरान छह ट्रंक और दो अलमारियों से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया गया। बरामद सामग्री को सुरक्षा के बीच ट्रेजरी भेज दिया गया है, जबकि मकान को सील कर दिया गया है।
बस चालक से कारोबारी के करीबी सहयोगी तक का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार, मिनार मंडल कुछ वर्ष पहले तक राज्य परिवहन निगम में बस चालक के रूप में कार्यरत था। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद वह कथित तौर पर पत्थर कारोबारी टुल्लू मंडल के व्यवसाय से जुड़ा और उसके प्रमुख प्रबंधन कार्यों की जिम्मेदारी संभालने लगा। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में बरामद नकदी और सोने का संबंध कारोबारी नेटवर्क से होने की बात सामने आई है। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है।
मुख्य कारोबारी की तलाश जारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में नाम सामने आने के बाद कारोबारी टुल्लू मंडल फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
परिवार ने किया अलग दावा
गिरफ्तार आरोपी के परिजनों का कहना है कि बरामद नकदी और सोना उनका नहीं है। उनका दावा है कि यह सामान कथित तौर पर कारोबारी द्वारा उनके घर रखा गया था और परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
जांच के घेरे में अवैध संपत्ति का पूरा नेटवर्क
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी और सोना किस स्रोत से आया, इसका वास्तविक मालिक कौन है और क्या इसके तार किसी बड़े आर्थिक या आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं। मामले में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
