तबादलों की रफ्तार पर लगा ब्रेक, छह महीने तक नहीं बदले जाएंगे अधिकारी-कर्मचारी
रायपुर : प्रदेश में एक ओर तबादलों का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने जनगणना की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। जनगणना का काम प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने इस कार्य में तैनात अमले के स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अब जनगणना ड्यूटी में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को अगले छह महीने तक या जनगणना का काम पूरा होने तक, जो भी पहले हो, यथासंभव स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।

सरकार का यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना का मैदानी काम जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां अभी से तेज कर दी गई हैं। जिला जनगणना अधिकारियों से लेकर अनुविभाग और तहसील स्तर के चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है।
चरणबद्ध प्रशिक्षण, हजारों कर्मचारियों पर जिम्मेदारी
जनगणना के काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशिक्षण का पूरा कार्यक्रम तय किया गया है। नवंबर 2026 में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स और 16 दिसंबर से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा। इस तरह जनगणना के मैदानी कार्य से जुड़े पूरे अमले को निर्धारित प्रक्रिया और जिम्मेदारियों की जानकारी दी जाएगी।
तबादले से प्रभावित होगा जनगणना कार्य
सरकार की चिंता है कि प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों-कर्मचारियों का बीच में तबादला होने से जनगणना की तैयारियों और मैदानी काम की निरंतरता प्रभावित हो सकती है। नए स्थान पर तैनाती के बाद कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी समझने और व्यवस्था से तालमेल बैठाने में समय लगेगा। इसका सीधा असर जनगणना के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण संचालन पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए जनगणना कार्य में लगाए गए जिला एवं चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणक, पर्यवेक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को फिलहाल मौजूदा तैनाती पर बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। निर्देश का मकसद साफ है कि प्रशासनिक फेरबदल के बीच जनगणना जैसा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।
