छत्तीसगढ़ में दो हाथियों का आतंक, 6 महीने में 14 लोगों की मौत, सूरजपुर-बलरामपुर सीमा पर दो ग्रामीणों को कुचलकर मारा
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर दो कबरा हाथियों की वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला सूरजपुर और बलरामपुर जिले की सीमा पर स्थित अखोरा गांव का है, जहां हाथी ने दो लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि पिछले छह महीने के भीतर इस हाथी के हमले में 14 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
बाइक सवारों पर हाथी का हमला, एक की मौके पर मौत
जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले के कल्याणपुर और अखोरा गांव के बीच फुलझर नदी के पास यह दर्दनाक घटना हुई। बाइक से सड़क पर जा रहे दो लोगों पर अचानक हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले में बाइक सवार विश्वनाथ की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, बाइक पर पीछे बैठे बलदेव ने किसी तरह अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान पीछे से एक ट्रक आ रहा था। हाथी को देखकर ट्रक चालक ने वाहन रोक दिया। बलदेव ने ट्रक के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, विश्वनाथ बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र स्थित बाटीडांड गांव के पहाड़ी कोरवा आश्रम में कर्मचारी था। बताया जा रहा है कि चाचा-भतीजा बाइक से अपने घर लौट रहे थे, तभी हाथी ने उन पर हमला कर दिया।
घास काटने गए ग्रामीण को भी हाथी ने कुचला
हाथी के हमले की पहली घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। इसी बीच जानकारी मिली कि अखोरा निवासी मानदेव यादव घास काटने के लिए खेत में गया था, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटा।
इसके बाद परिजनों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ उसकी तलाश शुरू की। देर शाम खेत में मानदेव का शव मिला। आशंका है कि हाथी ने खेत में ही उसे कुचलकर मार डाला। इस तरह एक ही दिन में हाथी के हमले से दो लोगों की मौत हो गई।
अकेले विचरण करता है हाथी, वन विभाग कर रहा निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह हाथी झुंड में नहीं रहता, बल्कि अकेले ही विचरण करता है। विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल हाथी बलरामपुर जिले के बदौली इलाके में घूम रहा है।
इससे पहले भी यह हाथी कई लोगों की जान ले चुका है। बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के परसवार गांव में एक व्यक्ति को उसके घर के पास कुचलकर मार दिया था। वहीं, सूरजपुर जिले के दरहोरा गांव में भी एक युवक को खेत में हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
हाथी को पकड़ने की प्रक्रिया में देरी, ग्रामीणों में आक्रोश
लगातार हो रही जनहानि के बीच ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर पकड़ने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कुछ दिन पहले वन मंत्री केदार कश्यप ने भी कहा था कि हाथी को पकड़ने की प्रक्रिया के लिए कागजी कार्रवाई चल रही है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई में हो रही देरी की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते हाथी को पकड़ने की कार्रवाई की गई होती तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान नहीं जाती। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब इस आदमखोर हाथी को पकड़ने की कार्रवाई पूरी होगी और सरगुजा संभाग के ग्रामीणों को इस दहशत से राहत मिलेगी?
