तिमाही परीक्षा शुरू, किताबें अब भी अधूरी! बिलासपुर में 92 हजार से ज्यादा सरकारी पुस्तकें कम

शैक्षणिक सत्र शुरू हुए महीनों बाद भी कई छात्रों को पूरी किताबें नहीं मिलीं; विभाग बुक बैंक और जल्द आपूर्ति का दे रहा है भरोसा।

तिमाही परीक्षा शुरू, किताबें अब भी अधूरी! बिलासपुर में 92 हजार से ज्यादा सरकारी पुस्तकें कम

बिलासपुर। बिलासपुर जिले में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब चार महीने बीतने के बावजूद सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों की कमी दूर नहीं हो पाई है। जिले में अभी भी 92 हजार से ज्यादा किताबों की कमी बताई जा रही है। इसी बीच कक्षा पहली से 12वीं तक की तिमाही परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में जिन विद्यार्थियों को अब तक सभी विषयों की किताबें नहीं मिली हैं, उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

क्या है किताबों की कमी का मामला?
शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन कई स्कूलों में अब भी किताबों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विभागीय स्तर पर आपूर्ति में देरी के चलते कुछ विद्यार्थियों को किताबों की फोटोकॉपी का सहारा लेना पड़ा है। वहीं कुछ छात्र पिछले शैक्षणिक सत्र की पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। इस स्थिति का असर खास तौर पर उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्हें सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।

डिपो नजदीक, फिर भी स्कूलों तक पहुंचने में लग रहा समय
किताबों की कमी को लेकर एक सवाल आपूर्ति व्यवस्था पर भी उठ रहा है। बिलासपुर शहर से करीब 14 किलोमीटर दूर गतौरी में पाठ्य पुस्तक निगम का डिपो स्थित है। इसके बावजूद स्कूलों तक किताबें पहुंचने में कथित तौर पर दो से तीन सप्ताह तक का समय लग रहा है। मांग के अनुसार समय पर किताबें नहीं पहुंचने से स्कूल स्तर पर वितरण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वहीं, सत्र आगे बढ़ने के साथ विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव भी बढ़ता गया।

Read More भिलाई: DSP को फर्जी केस में फंसाने का दांव उल्टा पड़ा, कंपनी के 3 आला अफसरों पर FIR, स्कॉर्पियो-N से भड़का था विवाद

मुंगेली और सक्ती से मंगाई गईं अतिरिक्त किताबें
किताबों की कमी को पूरा करने के लिए मुंगेली और सक्ती से भी अतिरिक्त पुस्तकें मंगाई गईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां से मिली आपूर्ति जिले की जरूरत के मुकाबले पर्याप्त नहीं रही। इस वजह से किताबों की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब तिमाही परीक्षा शुरू होने के बाद यह स्थिति और महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि विद्यार्थियों को परीक्षा में उन्हीं विषयों की तैयारी करनी है जिनकी किताबें उन्हें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।

Read More घोस्ट टावर्स का नया जुगाड़: कंबोडिया-दुबई से आ रही कॉल बन जाती है भारतीय (+91), मोबाइल में अचानक 2G दिखे तो हो जाएं सावधान

तिमाही परीक्षा शुरू, छात्रों की तैयारी पर सवाल
जिले के स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक की तिमाही परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में किताबों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और पालकों की चिंता बढ़ गई है। पालकों का सवाल है कि जिन बच्चों के पास पाठ्यक्रम की पूरी किताबें नहीं हैं, वे परीक्षा की तैयारी किस तरह करेंगे। कुछ विद्यार्थियों के लिए फोटोकॉपी और पुरानी किताबें फिलहाल पढ़ाई का विकल्प बनी हुई हैं। इसी बीच, स्थानीय स्तर पर CJP की सक्रियता को लेकर भी पालकों की ओर से आग्रह किए जाने की बात सामने आई है।

शिक्षा विभाग का क्या कहना है?
शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बुक बैंक की किताबों का इस्तेमाल कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, किताबों की कमी का असर तिमाही परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा। जिन विषयों की पुस्तकें कम हैं, उनकी आपूर्ति जल्द पूरी करने की बात भी विभाग की ओर से कही गई है। हालांकि, जिले में 92 हजार से ज्यादा किताबों की कमी के बीच यह आपूर्ति कब तक पूरी होगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।

अब तक क्या अपडेट है?
फिलहाल, जिले में सरकारी पाठ्य पुस्तकों की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अतिरिक्त किताबें दूसरे जिलों से मंगाई गई हैं, जबकि स्कूलों में बुक बैंक की पुस्तकों के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की बात शिक्षा विभाग कह रहा है। वहीं, तिमाही परीक्षाएं शुरू हो जाने के कारण अब निगाह इस बात पर है कि शेष किताबें स्कूलों तक कब तक पहुंचती हैं और पुस्तक वितरण की व्यवस्था कब पूरी तरह सामान्य होती है।

Latest News

दुर्ग में सराफा कारोबारी पर चाकू से हमला, नाबालिग हिरासत में; दो साल पुरानी रंजिश आई सामने दुर्ग में सराफा कारोबारी पर चाकू से हमला, नाबालिग हिरासत में; दो साल पुरानी रंजिश आई सामने
तिमाही परीक्षा शुरू, किताबें अब भी अधूरी! बिलासपुर में 92 हजार से ज्यादा सरकारी पुस्तकें कम
बिलासपुर में अरपा नदी में नहाने गए दो बच्चे लापता, SDRF ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
Korba Illegal Abortion Case: 15 साल पुराने मामले में हाईकोर्ट का फैसला, तीन डॉक्टर दोषी करार
Raipur Ganesh Jhanki Date Change: बारिश के चलते टली ऐतिहासिक झांकी, अब निकलेगी 28 सितंबर को....
गाजियाबाद में 12वीं मंजिल से गिरी 14 वर्षीय छात्रा, दो दिन पहले जीते थे दो नेशनल गोल्ड
Love & War: हाथ में सिगरेट, माथे पर चोट, विक्की कौशल के इंटेंस लुक ने बढ़ाया सस्पेंस
Urban Mindset टी-शर्ट पर टिप्पणी से विवाद, छात्रा का पीछा और SUV में खींचने की कोशिश का आरोप
Dongargarh News: डोंगरगढ़ में शराब के काले कारोबार पर बड़ा वार! 200 पेटी में मिली 9,600 बोतलें, 2 और आरोपी गिरफ्तार
Rajim Flood: 72 घंटे की बारिश से उफनी महानदी, कुलेश्वरनाथ मंदिर का चबूतरा डूबा; संगम में बढ़ा जलस्तर
Ganesh Visarjan: साइड मांगने पर बढ़ा विवाद, प्रशिक्षु DSP से मारपीट; कार में तोड़फोड़, 6 गिरफ्तार
Kurud Flood: लगातार बारिश से कुरूद में बिगड़े हालात, नारी गांव से 40 लोगों को किया गया रेस्क्यू