सड़क पर दिखा हाथियों का कुनबा, शावकों संग निकला जंगल की ओर काफिला; वन अमले ने थामा ट्रैफिक
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में उस वक्त सड़क पर वाहनों के पहिए थम गए, जब हाथियों का पूरा दल अपने नन्हे शावकों के साथ सड़क पार करता नजर आया। तमनार क्षेत्र के सामारुमा में हाथियों के इस काफिले को देखकर राहगीर ठिठक गए और कई लोगों ने इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। हाथियों की सुरक्षा और लोगों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और सड़क के दोनों ओर यातायात रोक दिया। वन अमले की सतर्कता के बीच हाथियों का दल सुरक्षित सड़क पार कर जंगल की ओर बढ़ गया। राहत की बात है कि इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
शावकों के साथ सड़क पर दिखा हाथियों का कुनबा
जानकारी के मुताबिक, तमनार के सामारुमा क्षेत्र में हाथियों का दल जंगल की ओर जाने के लिए सड़क पार कर रहा था। दल में नर और मादा हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल थे। सड़क पर एक साथ इतने हाथियों को देखकर राहगीरों की आवाजाही कुछ देर के लिए थम गई। इस दौरान लोगों ने हाथियों के झुंड का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब चर्चा में है।
वन विभाग ने रोका ट्रैफिक, सुरक्षित दूरी बनाने की अपील
हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन अमले ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। वनकर्मियों ने राहगीरों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके रास्ते में बाधा नहीं डालने की हिदायत दी। निगरानी के बीच हाथियों ने धीरे-धीरे सड़क पार की और जंगल की ओर चले गए।
रायगढ़ वन मंडल में 51 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ वन मंडल क्षेत्र में कुल 51 हाथी मौजूद हैं। इनमें 13 नर, 32 मादा और 6 शावक शामिल हैं। क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीमें निगरानी कर रही हैं, ताकि मानव-हाथी संघर्ष की आशंका को कम किया जा सके।
हाथियों की आवाजाही के बीच सतर्कता जरूरी
सामारुमा में सामने आया यह नजारा भले ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, लेकिन जंगली हाथियों के करीब जाना या उनके रास्ते में रुकना जोखिम भरा हो सकता है। वन विभाग की निगरानी और समय पर ट्रैफिक रोकने से हाथियों के दल को सुरक्षित रास्ता मिला। ऐसे इलाकों में हाथियों की आवाजाही के दौरान सतर्कता बरतना और वन अमले के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
