Shambhu Border Farmers Protest: भारत-अमेरिका FTA के खिलाफ किसानों का बिगुल! शंभू बॉर्डर पर हजारों किसान डटे, धारा 163 लागू
शंभू बॉर्डर। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) के विरोध में पंजाब और हरियाणा की सीमा स्थित शंभू बॉर्डर पर किसानों का बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया है। 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में पंजाब के विभिन्न जिलों से हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के साथ शंभू बॉर्डर पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र से जुड़े प्रावधान वापस नहीं लिए गए, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे इलाके में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
FTA के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि यदि विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों को बड़े पैमाने पर भारतीय बाजार में प्रवेश मिलता है, तो छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा। किसान संगठनों का कहना है कि वे सरकार से इस समझौते पर पुनर्विचार करने और किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है। शंभू बॉर्डर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। कई स्थानों पर लोहे के अवरोधक लगाए गए हैं और पुलिस के साथ दंगा नियंत्रण बल भी तैनात किया गया है। आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी हिरासत में
आंदोलन के बीच किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को लेकर भी हलचल तेज रही। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिल्ली में प्रस्तावित किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए जाते समय हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों ने विरोध जताया और इसे आंदोलन को रोकने का प्रयास बताया। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंचते रहे।
सरवन सिंह पंढेर समेत कई नेता पहुंचे
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े कई नेता भी आंदोलन में शामिल होने के लिए शंभू बॉर्डर पहुंच रहे हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर की मौजूदगी के बाद आंदोलन को और मजबूती मिलने की बात कही जा रही है। किसान संगठनों का दावा है कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
किसानों की प्रमुख चिंता क्या है?
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका FTA लागू होने की स्थिति में अमेरिका से आने वाले सब्सिडी वाले कृषि और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सकते हैं। उनका तर्क है कि इससे स्थानीय किसानों, डेयरी उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से यह कहा गया है कि किसी भी व्यापार समझौते में राष्ट्रीय हितों और किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, किसान संगठन आशंकाओं को दूर करने और स्पष्ट आश्वासन मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, शंभू बॉर्डर पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
