चाऊमीन खाते समय एक गलती पड़ सकती है भारी! एटा में सांस नली में नूडल्स फंसने से किशोरी की मौत
एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में चाऊमीन खाते समय सांस नली में नूडल्स फंसने से एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। घटना ने खाने-पीने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। खासकर बच्चों को नूडल्स या चाऊमीन खिलाते समय सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि भोजन का टुकड़ा सांस के रास्ते में फंसने से दम घुटने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा के मुताबिक, चाऊमीन को छोटे निवालों में लेकर अच्छी तरह चबाना चाहिए। नूडल्स लंबे और चिकने होते हैं, इसलिए उन्हें बिना ठीक से चबाए निगलने पर गले में फंसने या सांस की नली में चले जाने का खतरा हो सकता है।
चाऊमीन खाते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, नूडल्स खाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- छोटे निवाले लें: एक बार में ज्यादा चाऊमीन मुंह में न डालें।
- अच्छी तरह चबाएं: भोजन को अच्छी तरह चबाकर ही निगलें।
- खाते समय बात या हंसी से बचें: खाना मुंह में होने पर बोलने, हंसने या अचानक सांस खींचने से बचें।
- बैठकर खाएं: चलते-फिरते या लेटकर खाना खाने से बचें।
- बच्चों के लिए नूडल्स छोटे काटें: छोटे बच्चों को खिलाते समय नूडल्स को छोटे, आसानी से संभाले जा सकने वाले टुकड़ों में काटें और उनकी निगरानी करें।
खाना निगलते समय भोजन गलत रास्ते में चला जाए तो सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए खाते समय जल्दबाजी न करें और बच्चों को भी धीरे-धीरे खाने की आदत डालें।
सांस की नली में खाना फंस जाए तो क्या करें?
अगर कोई व्यक्ति खाते समय अचानक खांसने लगे, तो उसे खांसने दें, बशर्ते वह प्रभावी ढंग से खांस पा रहा हो और सांस ले पा रहा हो। लेकिन अगर वह बोल नहीं पा रहा, सांस नहीं ले पा रहा या खांसी बेहद कमजोर है, तो यह गंभीर दम घुटने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा से मदद मांगें।
वयस्कों और एक साल से बड़े बच्चों में गंभीर दम घुटने की स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति को पीठ पर प्रहार और पेट पर दबाव (एब्डॉमिनल थ्रस्ट्स/Heimlich manoeuvre) जैसी प्राथमिक चिकित्सा देनी पड़ सकती है। शिशुओं में पेट पर दबाव देने की बजाय अलग तकनीक इस्तेमाल होती है। गर्भवती व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति जिनके पेट को दबाना संभव न हो, उनके लिए भी अलग तरीका जरूरी है।
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो आपातकालीन सहायता बुलाएं और निर्देशों के अनुसार CPR शुरू करें। मुंह में फंसी चीज को तभी निकालें जब वह साफ दिखाई दे और आसानी से पहुंच में हो; अंधाधुंध उंगली डालने से बचें। एटा की घटना इस बात की याद दिलाती है कि खाना खाते समय छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हो सकती है। सावधानी से खाना, बच्चों पर नजर रखना और दम घुटने की स्थिति में सही प्राथमिक उपचार की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
