Crime News: रील और वेब सीरीज से आगे बढ़ा अपराध का खेल? मुजफ्फरनगर में 5.26 लाख की नकली करेंसी के साथ 3 गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। मनोरंजन के लिए देखी गई एक वेब सीरीज से कथित तौर पर नकली नोट बनाने का विचार आया और फिर YouTube के जरिए इसकी तकनीक सीखने की कोशिश की गई। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ऐसे ही एक कथित गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 5 लाख 26 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की है। जांच के दौरान दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की गई।
हाईवे पर मिली सूचना, पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक, बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र में मेरठ-करनाल हाईवे के पास नकली करेंसी की आपूर्ति किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर निगरानी और घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान शुभम, महेंद्र और टीनू नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5.26 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की, जिसमें कथित तौर पर नोट तैयार करने और उन्हें अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की जानकारी मिली।
वेब सीरीज से प्रेरित होकर बनाया कथित प्लान
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, मुख्य आरोपी शुभम ने ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज देखने के बाद नकली नोट बनाने का विचार आने की बात बताई। इसके बाद उसने YouTube पर उपलब्ध सामग्री की मदद से नोट छापने की प्रक्रिया सीखने का दावा किया है। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित एक फ्लैट में नकली करेंसी तैयार की जा रही थी। हालांकि, आरोपियों के बयानों और बरामद सामग्री से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के जरिए की जानी है।
दिल्ली के फ्लैट से उपकरण और अन्य सामग्री जब्त
पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए नरेला स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। वहां से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और प्रिंटिंग पेपर समेत कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, गिरोह में इस्तेमाल होने वाले विशेष कागज की आपूर्ति महाराष्ट्र से गणेश नाम के व्यक्ति द्वारा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच अधिकारी अब इस कथित आपूर्ति व्यवस्था और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रहे हैं।
कई इलाकों में सप्लाई की आशंका, नेटवर्क की तलाश जारी
जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित गिरोह नकली करेंसी को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर पहुंचाने की योजना बना रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नोटों की आपूर्ति पहले भी की गई थी या नहीं और इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। एसएसपी सूरज कुमार राय ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी नोट पर संदेह होने पर उसे आगे चलाने के बजाय संबंधित बैंक या पुलिस को इसकी जानकारी दें। फिलहाल, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और उपकरणों की बरामदगी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और नकली करेंसी के वितरण से संबंधित तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
