Ganpati Visarjan 2026: विसर्जन से पहले टूट जाए गणपति बप्पा की मूर्ति, तो क्या करें? जानें धार्मिक मान्यताएं
गणेश उत्सव के दौरान भक्त अपने घरों और पंडालों में गणपति बप्पा की स्थापना कर श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उत्सव के समापन पर प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया जाता है। लेकिन अगर विसर्जन से पहले ही गलती से गणेश जी की मूर्ति गिरकर खंडित हो जाए, तो भक्तों के मन में यह सवाल उठता है कि अब पूजा कैसे करें और प्रतिमा का क्या करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में घबराने या इसे किसी अनहोनी का संकेत मानने की जरूरत नहीं है। अनजाने में हुई घटना के लिए भगवान गणेश से क्षमा प्रार्थना कर प्रतिमा को सम्मानपूर्वक संभालना चाहिए। हालांकि, अलग-अलग परंपराओं में इसके नियम भिन्न हो सकते हैं।
खंडित प्रतिमा के मामले में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी एक नियम को सभी परंपराओं पर लागू मानने के बजाय, अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय पुरोहित की सलाह के अनुसार निर्णय लेना उचित है।
खंडित गणपति प्रतिमा को सम्मानपूर्वक कैसे विदा करें?
यदि प्रतिमा टूट जाए, तो उसे सावधानी से उठाकर साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें। जल्दबाजी में उसे फेंकने या ऐसी जगह रखने से बचें, जहां उसका अनादर हो। पूजा और विसर्जन की आगे की प्रक्रिया के लिए स्थानीय पुरोहित से मार्गदर्शन लिया जा सकता है। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जित करना या स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था अपनाना उचित रहेगा।
गणपति विसर्जन 2026 की तारीख
साल 2026 में अनंत चतुर्दशी शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन गणेश उत्सव के समापन पर पारंपरिक रूप से गणपति बप्पा का मुख्य विसर्जन किया जाएगा। हालांकि, कुछ परिवार अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, 3, 5 या 7 दिन में भी विसर्जन करते हैं।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में रीति-रिवाज भिन्न हो सकते हैं। इसे किसी सार्वभौमिक शास्त्रीय नियम के रूप में न लें।
