Surya Gochar 2026: 17 सितंबर को कन्या राशि में पहुंचेंगे सूर्य, 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें किसके लिए शुभ रहेगा गोचर
Surya Transit 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मबल, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, पिता, प्रशासन और अधिकार का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। सितंबर 2026 में सूर्य राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 सितंबर 2026 को सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचर करीब एक महीने तक कन्या राशि में रहेगा और इस दौरान सभी 12 राशियों के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ने की मान्यता है।
कन्या राशि को बुध की राशि माना जाता है और इसका संबंध विश्लेषण, व्यवस्था, व्यवहारिक सोच, सेवा तथा काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने से जोड़ा जाता है। ऐसे में सूर्य के कन्या राशि में आने पर कामकाज में अनुशासन, योजनाओं पर ध्यान और फैसलों में व्यावहारिकता बढ़ सकती है। हालांकि किसी व्यक्ति पर वास्तविक ज्योतिषीय प्रभाव उसकी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर छठे भाव में होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह समय प्रतियोगिता, नौकरी से जुड़ी चुनौतियों और लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए अनुकूल रह सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों में मेहनत और आत्मविश्वास बढ़ सकता है।
उपाय: सुबह सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य पांचवें भाव में गोचर करेंगे। यह भाव शिक्षा, बुद्धि, रचनात्मकता और संतान से संबंधित माना जाता है। छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। निवेश या आर्थिक फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: रविवार को सूर्यदेव का ध्यान करें और जल अर्पित करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए सूर्य चौथे भाव में रहेंगे। इस दौरान घर, संपत्ति, वाहन और पारिवारिक मामलों पर ध्यान बढ़ सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े किसी काम को आगे बढ़ाने की योजना बन सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्य की सलाह भी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
उपाय: रविवार को जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं या गुड़ का दान करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में यह भाव साहस, प्रयास, संचार और छोटे भाई-बहनों से संबंधित माना जाता है। इस दौरान अपने फैसलों को लेकर आत्मविश्वास बढ़ सकता है। मीडिया, सेल्स, लेखन, मार्केटिंग या व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों का लाभ मिलने की संभावना है।
उपाय: रविवार को शांत मन से सूर्य मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं और इस गोचर के दौरान सूर्य आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे। धन, बचत, परिवार और वाणी से जुड़े मामलों पर फोकस बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, क्योंकि कठोर भाषा रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है।
उपाय: रोज सुबह तांबे के पात्र से सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
कन्या राशि
कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश लग्न भाव में होगा। इसलिए यह गोचर आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करियर में नई जिम्मेदारी मिलने या नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है। सूर्य और बुध की युति के कारण ज्योतिषीय मान्यता में संवाद, योजना और निर्णय लेने की क्षमता पर विशेष जोर रहने की संभावना मानी जाती है।
उपाय: सुबह सूर्यदेव को जल अर्पित करें और नियमित रूप से आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए सूर्य बारहवें भाव में गोचर करेंगे। विदेश, यात्रा, खर्च और पर्दे के पीछे किए जाने वाले कार्य इस दौरान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। विदेश से जुड़े काम करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
उपाय: रविवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और बुजुर्गों का सम्मान करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए सूर्य ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह भाव आय, लाभ और सामाजिक नेटवर्क से जुड़ा होता है। ऐसे में आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुलने और पुराने संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना मानी जाती है। कारोबारियों को नए ग्राहक या प्रभावशाली लोगों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
उपाय: रविवार को गेहूं या गुड़ का दान करें।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य दसवें भाव में गोचर करेंगे। करियर और कार्यक्षेत्र के लिहाज से यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या नेतृत्व का अवसर मिल सकता है। कारोबारी अपने काम के विस्तार की योजना बना सकते हैं। मेहनत और कार्यक्षमता का प्रदर्शन करने के लिए यह समय उपयोगी रह सकता है।
उपाय: सूर्यदेव को नियमित रूप से जल अर्पित करें और पिता व गुरुजनों का सम्मान करें।
मकर राशि
मकर राशि के लिए सूर्य नौवें भाव में गोचर करेंगे। यह भाव भाग्य, उच्च शिक्षा, धर्म, गुरु और लंबी यात्राओं से संबंधित माना जाता है। इस अवधि में किसी अनुभवी व्यक्ति से मार्गदर्शन मिल सकता है। शिक्षा या करियर से जुड़ा कोई नया रास्ता भी सामने आ सकता है। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण अनुभव मिलने की संभावना रहेगी।
उपाय: रविवार को जरूरतमंदों को गेहूं का दान करें और बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य आठवें भाव में रहेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह थोड़ा सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है। साझा धन, टैक्स, बीमा, निवेश और अचानक आने वाले बदलावों से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता रखें। किसी भी वित्तीय दस्तावेज या समझौते को अच्छी तरह पढ़कर ही आगे बढ़ें। रिसर्च, तकनीकी, टैक्स या इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए नए अनुभव मिल सकते हैं।
उपाय: रविवार को सूर्यदेव को विधि-विधान से जल अर्पित करें और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य सातवें भाव में गोचर करेंगे। यह भाव विवाह, साझेदारी, व्यापार, ग्राहक और सार्वजनिक संबंधों से जुड़ा माना जाता है। कारोबारियों को नए क्लाइंट या पार्टनरशिप के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि निजी और व्यावसायिक रिश्तों में अहंकार या अपनी बात मनवाने की जिद से बचना बेहतर रहेगा। बातचीत में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा।
उपाय: प्रत्येक रविवार सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
सूर्य गोचर से क्या बदलेगा?
17 सितंबर 2026 को सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश को ज्योतिष में महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन माना जाता है। इस दौरान करियर, आर्थिक फैसले, शिक्षा, पारिवारिक जीवन, व्यापार और व्यक्तिगत आत्मविश्वास जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग प्रभाव देखने की मान्यता है। हालांकि किसी व्यक्ति के लिए गोचर का परिणाम केवल राशि देखकर तय नहीं किया जा सकता; जन्मकुंडली की स्थिति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाता। व्यक्तिगत परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। नेशनल जगत विजन इन मान्यताओं की पुष्टि नहीं करता है।
