बांग्लादेश में फिर दहली अल्पसंख्यक बस्तियां! अलग-अलग वारदातों में महिला समेत दो हिंदुओं की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई दो घटनाओं में एक हिंदू सुनार और एक महिला की हत्या कर दी गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में घटनाओं को लूट और चोरी की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी वारदात के पीछे सांप्रदायिक या अन्य मकसद की पुष्टि नहीं की है।
दुकान से लौट रहे सुनार पर हमला, इलाज के दौरान मौत
नौगांव जिले के महादेवपुर उपजिला में 45 वर्षीय हिंदू सुनार अलिफ चंद्र दत्ता पर सोमवार रात हमला किया गया। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, दत्ता महादेवपुर बाजार स्थित अपनी ज्वैलरी की दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रात करीब 9 बजे घर के पास दुललपारा इलाके में कुछ हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल दत्ता को परिजन और स्थानीय लोग राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हमलावर सोना और करीब 7 लाख बांग्लादेशी टका लेकर फरार हुए।
महादेवपुर थाने के प्रभारी अधिकारी उमर फारूक के मुताबिक, पुलिस अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि मामला केवल लूटपाट से जुड़ा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। पुलिस घटना की परिस्थितियों और आरोपियों की पहचान की जांच कर रही है।
घर में घुसने की कोशिश, महिला पर चाकू से हमला
दूसरी घटना कॉक्स बाजार जिले के महेशखली उपजिला की बताई जा रही है। यहां 45 वर्षीय रानी सुशील की घर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम एक अज्ञात व्यक्ति कथित तौर पर चोरी के इरादे से उनके घर में घुसने की कोशिश कर रहा था।
रिपोर्टों के मुताबिक, रानी ने संदिग्ध को देखकर शोर मचाया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उन पर चाकू से कई वार किए और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महेशखली पुलिस के अधिकारी अब्दुस सुल्तान ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि घटना चोरी की कोशिश के दौरान हुई प्रतीत होती है। पुलिस अब आरोपी की पहचान और वारदात के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं से बढ़ी चिंता
इन दो घटनाओं के सामने आने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले भी हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों पर हमले और हत्या की घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन दोनों मामलों में पुलिस की जांच अभी जारी है और घटनाओं को सांप्रदायिक हिंसा के रूप में वर्गीकृत करने से पहले जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ-साथ वारदात के वास्तविक कारण और संभावित मकसद का पता लगाने में जुटी है।
