Breakfast Tips: सुबह उठने के कितनी देर बाद करना चाहिए नाश्ता? जानें एक्सपर्ट की सलाह
सुबह का नाश्ता दिन की शुरुआत का अहम हिस्सा माना जाता है, लेकिन इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। क्या उठते ही कुछ खा लेना चाहिए? या फिर शरीर को थोड़ा समय देने के बाद नाश्ता करना बेहतर है? खासकर कामकाजी लोगों में सुबह की भागदौड़ के चलते नाश्ता देर से करने या पूरी तरह छोड़ देने की आदत भी देखने को मिलती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, नाश्ता करने का कोई एक तय समय सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं है। हालांकि, सुबह उठने के करीब दो घंटे के भीतर नाश्ता करना एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है, खासकर जब भूख महसूस हो रही हो। यानी अगर कोई व्यक्ति सुबह 7 बजे उठता है, तो 8 से 9 बजे के बीच नाश्ता करना उसके लिए सामान्य रूटीन का हिस्सा हो सकता है।
उठते ही नाश्ता करना जरूरी है क्या?
ऐसा कोई नियम नहीं है कि आंख खुलते ही कुछ खाना जरूरी है। अगर सुबह उठने के तुरंत बाद भूख नहीं लगती, तो थोड़ी देर इंतजार किया जा सकता है। शरीर की जरूरत, सोने-जागने का समय और पिछली रात के भोजन का समय भी सुबह की भूख को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, रोजाना नाश्ता टालते रहना या सुबह का पहला भोजन लगातार दोपहर तक खिसकाते रहना अच्छी आदत नहीं मानी जाती। खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ ज्यादा खाने की आदत हो जाती है।
नाश्ते का समय क्यों है महत्वपूर्ण?
हमारे शरीर में एक प्राकृतिक 24 घंटे की जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह नींद-जागने के चक्र के साथ-साथ हार्मोन, पाचन और मेटाबॉलिज्म जैसी प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है।
रिसर्च में भोजन के समय और मेटाबॉलिक हेल्थ के बीच संबंध देखा गया है। आमतौर पर दिन में भोजन का समय नियमित रखना और रात में बहुत देर से खाने से बचना बेहतर माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को सुबह उठते ही नाश्ता करना चाहिए।
नाश्ते में सिर्फ टाइम नहीं, क्वालिटी भी देखें
नाश्ता कब किया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण है, लेकिन नाश्ते में क्या शामिल है, इसका भी उतना ही महत्व है। ऐसा भोजन चुनें जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट का संतुलन हो। इससे लंबे समय तक पेट भरा रहने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नाश्ते में अंडे, दही, पनीर, दाल या अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ फल, सब्जियां, ओट्स या साबुत अनाज जैसे फाइबर वाले विकल्प शामिल किए जा सकते हैं।
सुबह भूख नहीं लगती तो क्या करें?
अगर आपको रोजाना सुबह भूख नहीं लगती, देर रात डिनर करने की आदत है या आपका खाने का पूरा शेड्यूल अनियमित है, तो केवल किसी फिक्स ब्रेकफास्ट टाइम को फॉलो करने के बजाय अपनी पूरी डाइट और रूटीन पर ध्यान देना बेहतर है। अगर लंबे समय से सुबह भूख न लगने के साथ कमजोरी, वजन में असामान्य बदलाव या पाचन संबंधी परेशानी भी हो रही है, तो डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से सलाह लें।
आसान फॉर्मूला याद रखें
सुबह उठने के करीब 1-2 घंटे के भीतर नाश्ता + पौष्टिक भोजन + नियमित रूटीन — ज्यादातर लोगों के लिए एक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए किसी एक तय समय को सभी के लिए अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए।
