नगर निगम के 9 करोड़ पानी में: कागजों में 'हाईटेक' तिफरा बस स्टैंड, हकीकत में यात्रियों को मिले गड्ढे, कीचड़ और गोबर

नगर निगम के 9 करोड़ पानी में: कागजों में 'हाईटेक' तिफरा बस स्टैंड, हकीकत में यात्रियों को मिले गड्ढे, कीचड़ और गोबर

बिलासपुर। शहर का तिफरा बस स्टैंड नगर निगम की लापरवाही और बदइंतजामी का जीता-जागता सुबूत बन गया है। करीब 9 करोड़ रुपए खर्च कर इसे हाईटेक बस स्टैंड का नाम तो दे दिया गया, लेकिन बारिश आते ही निगम के तमाम दावों की पोल खुल गई है। रोजाना यहां से सफर करने वाले 10 हजार से अधिक यात्री नगर निगम की अनदेखी के चलते गड्ढों, कीचड़ और अव्यवस्था के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।

चार राज्यों (छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तरप्रदेश) की जीवनरेखा माने जाने वाले इस बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने का दावा निगम ने किया था। आज हालात यह हैं कि बसों के प्लेटफॉर्म के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में गंदा पानी भर गया है। जलभराव के कारण इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है और फिसलने का खतरा हर समय बना रहता है। पूरे परिसर में कचरे के ढेर और गोबर पसरा है। इन्हीं के बीच से यात्रियों को अपना भारी सामान उठाकर बसों तक पहुंचना पड़ता है। साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, लेकिन निगम का अमला यहां से नदारद है।

लाखों के टिकट काउंटर बने शोपीस, सिस्टम गायब

Read More आबकारी बाबू का भौकाल: बिना आय गिने एसीबी ने पेश की खात्मा रिपोर्ट, शिकायतकर्ता ने भी पीछे खींचे कदम  

निगम ने सुविधा के नाम पर पांच टिकट काउंटर खड़े कर दिए, जो आज केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। इनमें टिकट मिलने के बजाय लोग अपना सामान रख रहे हैं। मजबूरन यात्रियों को निजी ट्रैवल एजेंसियों के अस्थायी काउंटरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। आधुनिक बस स्टैंड की पहचान मानी जाने वाली डिजिटल सूचना प्रणाली और एलईडी डिस्प्ले का यहां कोई नामोनिशान नहीं है। हेल्प डेस्क न होने से यात्रियों को बसों के आगमन, प्रस्थान और प्लेटफॉर्म की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। जानकारी के अभाव में कई बार यात्रियों की बसें तक छूट जाती हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है, क्योंकि सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए हैं।

Read More जल संसाधन विभाग बना घोटालों का गढ़: बिना टेंडर और एग्रीमेंट के 24 घंटे में निकाल लिए 1.89 करोड़ रुपए

फर्श पर बैठकर इंतजार करने की मजबूरी

करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी नगर निगम यहां एक व्यवस्थित प्रतीक्षालय तक नहीं दे सका है। पर्याप्त कुर्सियां न होने की वजह से यात्रियों को घंटों फर्श पर, दीवारों के सहारे या अपने सामान पर ही बैठकर बस का इंतजार करना पड़ता है। बारिश के मौसम में मवेशियों और स्वानों ने बस स्टैंड को अपना ठिकाना बना लिया है। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के लिए यहां से यात्रा करना परेशानी का सबब बन गया है। गंदगी और दुर्गंध के कारण संक्रमण का खतरा हर पल बना रहता है, फिर भी निगम के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।

अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब

इस पूरी बदहाली पर नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार का रटा-रटाया जवाब है कि गड्ढों की समस्या का जायजा लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जाएंगे। यात्रियों को हो रही रोजमर्रा की परेशानी को लेकर निगम के पास केवल जांच का आश्वासन है, जबकि हकीकत में व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

Tags:

Latest News

Bilaspur-Delhi Flight: आसमान में एक इंजन ने दिया जवाब, 54 लोगों की अटकीं सांसें; दिल्ली IGI पर Alliance Air की इमरजेंसी लैंडिंग Bilaspur-Delhi Flight: आसमान में एक इंजन ने दिया जवाब, 54 लोगों की अटकीं सांसें; दिल्ली IGI पर Alliance Air की इमरजेंसी लैंडिंग
CG News: जिस बस का था इंतजार, वही बन गई काल! कोरिया में दूसरी कक्षा की छात्रा की दर्दनाक मौत, जांच में जुटी पुलिस
CG News: न पुल, न एंबुलेंस की राह… खाट पर मरीज को कंधों से उठाकर उफनता नाला पार कराने को मजबूर हुए ग्रामीण
जामिया गर्ल्स हॉस्टल में मेस को लेकर बवाल, ‘खाना खराब’ होने की शिकायत के बाद छात्राओं का धरना; ठेका रद्द करने की मांग
मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत तो बनी जांच कमेटी, गड़बड़ी भी सामने आई लेकिन कार्रवाई के आंकड़े ने ही खड़े कर दिए नए सवाल
BRICS से पहले दिल्ली में खलबली, SFJ समर्थित नारे लिखने का आरोप; पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड समेत 3 को दबोचा
आखिर क्यूँ इंद्रावती भवन में मची अफरा-तफरी, समय रहते आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी का किया रेस्क्यू, टला बड़ा हादसा
मासूमों के पैरों तक पहुंचा घटिया सामान? सरकारी स्कूलों के जूते-मोजों की शिकायत से मचा हड़कंप, 15 जिलों में जांच के आदेश
बिना सुने कर्मचारी के खिलाफ नहीं हो सकती कार्रवाई- हाई कोर्ट, पदोन्नति रद्द पर लगाई रोक
CG News: रायपुर के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में छात्र की मौत, कमरे से मिले फेंटानिल और इंजेक्शन; ओवरडोज की आशंका में जांच
CGPSC Scam: ED के शिकंजे में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, WhatsApp चैट बनी अहम कड़ी; कोर्ट ने दी 6 दिन की रिमांड
Siri की आवाज सुनकर हो गए हैं बोर? iPhone में ऐसे बदलें Voice और Language, जानें आसान तरीका