CGPSC Scam: ED के शिकंजे में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, WhatsApp चैट बनी अहम कड़ी; कोर्ट ने दी 6 दिन की रिमांड

CGPSC Scam: ED के शिकंजे में अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, WhatsApp चैट बनी अहम कड़ी; कोर्ट ने दी 6 दिन की रिमांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है। 11 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां ED की मांग पर अदालत ने छह दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की। अब जांच एजेंसी उनसे मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, कथित संपर्कों और वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ करेगी।

WhatsApp चैट से बढ़ी जांच की दिशा
अदालत में ED की ओर से कथित तौर पर उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच हुई WhatsApp बातचीत का हवाला दिया गया। जांच एजेंसी इस डिजिटल सामग्री के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था और उसका CGPSC की कथित अनियमितताओं से कोई संबंध था या नहीं। मामला CGPSC की 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।

परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने के आरोपों की भी जांच
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, एजेंसी को ऐसी बातचीत और अन्य जानकारियां मिली हैं, जिनमें परीक्षा से पहले अभ्यर्थी को कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने तथा मेन्स परीक्षा के पेपर के नाम पर बड़ी रकम लिए जाने का जिक्र है। इन दावों की वास्तविकता और कथित लेनदेन में किस-किस की भूमिका थी, इसे लेकर ED अब विस्तृत जांच कर रही है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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पहले भी हो चुकी है बड़ी गिरफ्तारियां
CGPSC मामले की जांच में चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी से पहले ED छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी को इसी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक अहम अगला कदम माना जा रहा है।

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पूर्व CM भूपेश बघेल के OSD रह चुके हैं बोरघरिया
चेतन बोरघरिया की प्रशासनिक पृष्ठभूमि भी इस मामले को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। वह 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। वह बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे।

6 दिन की ED रिमांड में होगी पूछताछ
अदालत से छह दिन की रिमांड मिलने के बाद ED के पास अब चेतन बोरघरिया से पूछताछ का अवसर है। इस दौरान जांच एजेंसी कथित WhatsApp चैट, उत्कर्ष चंद्राकर से संपर्क, परीक्षा से जुड़ी जानकारी और संभावित वित्तीय लेनदेन समेत अन्य पहलुओं को खंगालेगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी अगली पेशी 16 सितंबर 2026 को होनी है। फिलहाल, मामले में सामने आए आरोप जांच के अधीन हैं। किसी भी आरोपी की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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