शोएब ढेबर तक पुलिस की खबर पहुंचने का शक, दो आरक्षक लाइन अटैच; कई ठिकानों पर दबिश के बाद भी हाथ खाली
रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और धमकी देने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की तलाश के दौरान पुलिस महकमे के भीतर भी कार्रवाई की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी तक पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी पहुंचने के संदेह में दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दो आरक्षकों पर गोपनीय सूचना में लापरवाही का आरोप
जानकारी के मुताबिक, क्राइम डीसीपी स्मृतिक राजनाला के स्तर पर आरक्षक शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम को लाइन अटैच किए जाने की बात कही जा रही है। दोनों पर पुलिस की कार्रवाई से संबंधित संवेदनशील जानकारी को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम शोएब ढेबर को पकड़ने के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। लेकिन कई स्थानों पर टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी के वहां से निकल जाने के कारण पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर पुलिस की दबिश
शोएब ढेबर की दोबारा गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों की सूची तैयार कर तलाश तेज की। इसी कड़ी में शहर के अलग-अलग इलाकों में करीब आधा दर्जन स्थानों पर पुलिस टीमों ने दबिश दी। पुलिस को खम्हारडीह स्थित उसके निवास पर भी मौजूदगी का महत्वपूर्ण इनपुट मिला था। टीम वहां पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी के वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस को वापस लौटना पड़ा।
पुलिस की पहुंच से पहले निकलने पर उठे सवाल
लगातार ठिकाने बदलने और पुलिस टीम के पहुंचने से पहले आरोपी के निकल जाने के बाद जांच में गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की आशंका भी चर्चा में आई है। इसी संदर्भ में दोनों आरक्षकों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस की कार्रवाई की जानकारी वास्तव में किसी आरक्षक के जरिए आरोपी तक पहुंची थी या नहीं। इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
दूसरे राज्य में छिपने की आशंका, संपर्कों पर नजर
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शोएब ढेबर दूसरे राज्य में भी जा सकता है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस संभावित ठिकानों के साथ उसके संपर्कों और आवाजाही से जुड़े इनपुट पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्पष्ट होगी।
