Rajim Flood: 72 घंटे की बारिश से उफनी महानदी, कुलेश्वरनाथ मंदिर का चबूतरा डूबा; संगम में बढ़ा जलस्तर
राजिम। छत्तीसगढ़ के राजिम में लगातार तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बारिश के साथ आसपास के जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी का असर अब महानदी पर साफ दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद त्रिवेणी संगम क्षेत्र में पानी फैल गया है और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का चबूतरा भी जलमग्न हो गया है। निचले इलाकों और खेतों में पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
जलाशयों के पानी से महानदी में बढ़ी आवक
लगातार बारिश के बीच अलग-अलग जलाशयों से छोड़ा गया पानी नदियों के जरिए राजिम की ओर पहुंच रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गंगरेल जलाशय से करीब 3 लाख क्यूसेक पानी महानदी में, जबकि सिकासार जलाशय से लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा गया है। इसके अलावा सोंढूर क्षेत्र से भी करीब 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इन जलस्रोतों से निकला पानी राजिम के संगम क्षेत्र में पहुंच रहा है। महानदी, पैरी और सोंढूर के पानी की आवक एक साथ बढ़ने से संगम में जलस्तर पर सीधा असर पड़ रहा है और नदी का बहाव तेज हो गया है।
पानी से घिरा कुलेश्वरनाथ मंदिर
राजिम के त्रिवेणी संगम में स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आसपास पानी तेजी से फैल गया है। नदी का पानी मंदिर के चबूतरे तक पहुंचने के बाद आसपास का काफी हिस्सा जलमग्न हो गया। मंदिर का निचला हिस्सा भी पानी में डूबा नजर आ रहा है। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, वहां फिलहाल नदी की तेज धार दिखाई दे रही है। संगम क्षेत्र में पानी का फैलाव काफी दूर तक होने के कारण पूरा इलाका बाढ़ की स्थिति का दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
72 घंटे की बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
राजिम और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खेतों, निचले इलाकों और छोटे नदी-नालों में पानी भर गया है। कई जगहों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। बारिश के साथ ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी आने के कारण महानदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर नदी की स्थिति और जलाशयों से होने वाली पानी की निकासी पर नजर रखी जा रही है।
बारिश जारी रही तो और बढ़ सकता है जलस्तर
राजिम में सबसे बड़ी चिंता संगम क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को लेकर है। यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है और जलाशयों से पानी की निकासी बनी रहती है, तो महानदी का जलस्तर और ऊपर जाने की संभावना रहेगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। नदी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
नदी और घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील
बढ़े हुए जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए लोगों को नदी, घाट और जलमग्न क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर त्रिवेणी संगम क्षेत्र में पानी का बहाव तेज होने के कारण किसी भी तरह का जोखिम उठाना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल, राजिम में उफनती महानदी और पानी से घिरा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर साफ दिखा रहे हैं।
