Mahadev Betting Case: बेटिंग ऐप के प्रचार से जुड़े ₹1.20 करोड़ ED को सौंपे, शेफाली बग्गा के मामले में क्या है पूरा अपडेट?
रायपुर। ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े महादेव ऐप की जांच में टीवी होस्ट शेफाली बग्गा का नाम सामने आने के बाद अब उनके कथित प्रमोशनल भुगतान को लेकर चर्चा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, बग्गा ने जांच के दौरान 1.20 करोड़ रुपये एजेंसी को सौंपे हैं। जांच का केंद्र यह है कि बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार के लिए उन्हें कितनी रकम मिली और उस भुगतान का स्रोत क्या था।
मामले में एक और अहम तथ्य यह है कि तलाशी के दौरान पहले ही 30 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके थे। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर प्रचार से जुड़ी कुल रकम करीब 1.50 करोड़ रुपये थी। हालांकि, इन वित्तीय लेन-देन को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
प्रचार के बदले भुगतान की जांच
ईडी की जांच के मुताबिक, शेफाली बग्गा को महादेव बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार से संबंधित काम के लिए भुगतान किए जाने का आरोप है। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि प्रमोशन किस समझौते के तहत हुआ, भुगतान किस माध्यम से किया गया और रकम का वास्तविक स्रोत क्या था ? जांच के दौरान बग्गा की ओर से 1.20 करोड़ रुपये सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। यह कदम मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच का हिस्सा है। केवल रकम सौंपे जाने से किसी आरोप पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता।
ऐप के अवैध कारोबार की जानकारी होने से इनकार
शेफाली बग्गा की ओर से सामने आई सफाई के मुताबिक, उनकी भूमिका प्रचार संबंधी गतिविधियों तक सीमित थी। उन्होंने कथित तौर पर यह दावा किया कि उन्हें ऐप से जुड़ी अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनका प्लेटफॉर्म के संचालन से कोई संबंध नहीं था। ईडी उनके बयान के साथ प्रचार संबंधी रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। ऐसे में मामले में उनकी भूमिका का आकलन उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाएगा।
तलाशी में पहले जब्त हुए थे 30 लाख रुपये
मामले की जांच के दौरान मई 2026 में शेफाली बग्गा के दिल्ली स्थित आवास पर तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस कार्रवाई में 30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। बाद में उनसे पूछताछ भी की गई। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता और भाई के बयान भी जांच के सिलसिले में दर्ज किए गए थे।एजेंसी अब कथित प्रमोशनल भुगतान, रकम के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों के वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
क्या है महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का मामला?
महादेव ऐप प्रकरण कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क और उससे जुड़े धन के लेन-देन की जांच से संबंधित है। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क के संदर्भ में अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की है। इस मामले में प्रमोटरों, कथित सहयोगियों और प्रचार गतिविधियों से जुड़े लोगों की भूमिकाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। शेफाली बग्गा से संबंधित प्रकरण में मुख्य सवाल कथित भुगतान और उनके प्रचार कार्य के दायरे को लेकर है।
अब जांच में किन बातों पर रहेगा फोकस?
आगे की जांच में कथित भुगतान का स्रोत, प्रचार से जुड़े समझौते, वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। एजेंसी के निष्कर्षों और अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
