शिक्षा विभाग का भ्रष्टाचार कार्ड : 5 साल में 33 DEO पर केस, 12 दोषी; फिर भी कुर्सी पर जमे हैं 'साहब'

शिक्षा विभाग का भ्रष्टाचार कार्ड : 5 साल में 33 DEO पर केस, 12 दोषी; फिर भी कुर्सी पर जमे हैं 'साहब'

रायपुर। सरकारी स्कूलों में बच्चों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षा विभाग के 'साहब' खुद घूसखोरी की क्लास लगा रहे हैं। पिछले 5 साल का रिकॉर्ड देखें तो छत्तीसगढ़ के 33 जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में केस दर्ज हुए हैं। गबन, भ्रष्टाचार और धांधली के इन मामलों में 12 अफसर जांच में पूरी तरह दोषी साबित हो चुके हैं। लेकिन, विभाग की मेहरबानी देखिए, इन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दागी अफसर आज भी मलाईदार कुर्सियों पर बैठकर करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक इन अफसरों ने ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर स्कूलों की टाटपट्टी तक में 10 से 12 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।

 

Read More अपडेट....जल संसाधन विभाग में प्रमोशन का बड़ा खेल: ACR में 'क' की जगह 'क+' कर हासिल की एसई की कुर्सी

Read More CG News: शिक्षकों की शिकायत पर जशपुर में बड़ा एक्शन! BEO-ABEO अटैच, BRC निलंबित, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

हाईकोर्ट की फटकार बेअसर, 'प्रभारी' चला रहे सिस्टम

 

पूरे सिस्टम का मज़ाक ऐसा है कि हाईकोर्ट के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोर्ट साफ कह चुका है कि जूनियर अफसरों को डीईओ न बनाया जाए। इसके बावजूद प्रदेश के 33 में से 80 फीसदी डीईओ सिर्फ 'प्रभारी' के तौर पर काम कर रहे हैं। जो कल तक स्कूलों में व्याख्याता (Lecturer) या प्राचार्य थे, उन्हें सीधे पूरे जिले की शिक्षा व्यवस्था सौंप दी गई है। इसका नतीजा यह है कि 90 फीसदी डीईओ अपनी कुर्सी का खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अपनों को बांटी सरकारी नौकरी, किताबें बेचीं कबाड़ में

इन साहबों के भ्रष्टाचार के तरीके सुनकर आप भी सिर पकड़ लेंगे: जांजगीर-चांपा: तत्कालीन डीईओ के.एस. तोमर ने सारे नियम-कानून ताक पर रखकर अपने ही बेटे और रिश्तेदारों को अनुकंपा नौकरी बांट दी। सरकार को सीधे 4.68 लाख का चूना लगाया। दोषी मिले, लेकिन बाल बांका नहीं हुआ।

गरियाबंद: डीईओ भोपाल ताण्डेय ने 3 करोड़ 27 लाख रुपए के फायर एक्सटिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र) खरीदे। इसमें भारी धांधली की। दोषी साबित हुए, पर कार्रवाई के नाम पर फाइलें धूल फांक रही हैं।

 

किताबें रद्दी में बेचीं: राजनांदगांव के आदित्य खरे, अभय जायसवाल, सूरजपुर के रामललित पटेल और जशपुर के प्रमोद कुमार भटनागर पर लाखों रुपए की सरकारी किताबें कबाड़ के भाव बेचने का केस दर्ज है।

इन 'दागी' अफसरों का रिपोर्ट कार्ड भी देखिए

लिस्ट काफी लंबी है। हर जिले में धांधली की अलग कहानी है

 रायपुर: हिमांशु भारतीय और विजय कुमार खंडेलवाल पर मान्यता घोटाले का केस दर्ज है। मजे की बात देखिए, गंभीर आरोपों के बाद भी हिमांशु भारतीय आज भी रायपुर के डीईओ की कुर्सी पर जमे हैं।

 सूरजपुर: प्रभारी डीईओ रामललित पटेल रिश्वत लेते हुए एसीबी के हत्थे चढ़े थे। प्रधानमंत्री पोषण योजना में भी 34 लाख डकारने का आरोप है।

  कोण्डागांव: राजेश मिश्रा (मूल पद व्याख्याता) ने ट्रांसफर से लेकर चपरासी भर्ती और महापुरुषों की फोटो-फर्नीचर खरीदने तक में जमकर कमीशन खाया।

 

 बस्तर-बीजापुर: भारती प्रधान और प्रमोद कुमार ठाकुर ने तो बच्चों के सूखे राशन में भी वित्तीय अनियमितता कर दी।

  सरगुजा: संजय गुप्ता ने साइकिल और ब्लैकबोर्ड खरीदी में नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

 बलौदाबाजार-भाटापारा: राकेश शर्मा पर स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार की शिकायत है। मानपुर-मोहला में कमल कपूर बंजारे पर भी आत्मानंद स्कूलों की संविदा भर्ती में लेनदेन का केस है।

कार्रवाई के नाम पर वही पुराना रटा-रटाया राग

जब पूरे विभाग में भ्रष्टाचार की दीमक लगी है, तो ऊपर बैठे अफसरों का जवाब भी सुन लीजिए। लोक शिक्षण संचालनालय के प्रभारी संचालक अशोक नारायण बंजारा कहते हैं, "जिनके खिलाफ शिकायतें हैं, उनमें से कई रिटायर हो चुके हैं। कई के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। जो पदस्थ हैं, उन्हें जल्द हटाया जाएगा।"

अब सवाल यह है कि जब 12 अफसर जांच में पूरी तरह दोषी मिल चुके हैं, तो कार्रवाई के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार हो रहा है? क्या विभाग दागी अफसरों को रिटायर होने तक मलाई खाने की छूट दे रहा है? यह हाल देखकर तो यही लगता है कि शिक्षा विभाग में 'ए फॉर एप्पल' नहीं, बल्कि 'बी फॉर भ्रष्टाचार' पढ़ाया जा रहा है।

Tags:

Latest News

कायदे-कानून खूंटी पर, जल संसाधन विभाग ने अनुभवहीन कंपनियों की झोली में हजारों करोड़.... पढ़े  कायदे-कानून खूंटी पर, जल संसाधन विभाग ने अनुभवहीन कंपनियों की झोली में हजारों करोड़.... पढ़े 
झीरम घाटी हत्याकांड: 13 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, 10 दोषियों को मृत्युदंड
सीनियर डी के खिलाफ लोको पायलटों का बढ़ा गुस्सा, घर की चौखट से निकलकर परिवार उतरा सड़क पर  
1.25 लाख दीयों से जगमगाएगा पुलिस मैदान, पीएम आवास की चाबी लेकर घर लौटेंगे 200 परिवार
तीन साल से बिजली बिल लंबित, आखिर कट गया कनेक्शन! देवकर तहसील कार्यालय पर 75 हजार से ज्यादा बकाया
बंगाल में उपचुनाव से पहले ‘बम कांड’ से सनसनी! रेजीनगर में धमाका, कंटेनर से बरामद हुआ विस्फोटकों का जखीरा
मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराना युवक को पड़ा महंगा, शिकायतकर्ता के साथ मारपीट कर वसूले 5 हजार रूपए, एसएसपी ने टीआई को हटाया
सरकारी योजनाओं के फंड पर अब सरकार की सीधी नजर! S-SNA मॉडल को कैबिनेट की मंजूरी, जरूरत पड़ते ही जारी होगी राशि
Arabian Sea में आमने-सामने आए भारत-पाक के युद्धपोत! टक्कर के बाद नई दिल्ली में पाक राजनयिक तलब, 1991 समझौते का हवाला
हादसों के बाद चर्चित पिकनिक स्पॉट बंद, जिला प्रशासन ने पर्यटकों के प्रवेश पर लगाई रोक
छत्तीसगढ़ में 42 वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की पदोन्नति रद्द: परीक्षा प्रक्रिया में मिलीं कई अनियमितताएं, मूल पद पर लौटाए गए कर्मचारी
मालगाड़ी में पथराव, लोको पायलट के सिर में लगी चोट, इंजन का दरवाज़ा भी हुआ क्षतिग्रस्त, आरोपी गिरफ्तार