साड़ी घोटाले के बाद एक और मामला आया सामने महिला बाल विकास विभाग का नया कारनामा सिर्फ एक दीवार पोत कर डकार लिए लाखों रुपये

साड़ी घोटाले के बाद एक और मामला आया सामने महिला बाल विकास विभाग का नया कारनामा सिर्फ एक दीवार पोत कर डकार लिए लाखों रुपये

20260401_110802रायपुर/ बिलासपुर छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां एक के बाद एक घोटालों की झड़ी लग गई है। अभी प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी गई छोटी और घटिया साड़ियों का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि विभाग का एक नया कारनामा सामने आ गया है। इस बार अफसरों ने बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई पुताई के फंड पर हाथ साफ कर दिया है। मस्तूरी ब्लॉक में यह घोटाला बहुत ही शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया है। फंड पूरे केंद्र को संवारने के लिए आया था लेकिन पुताई सिर्फ एक दीवार की गई। उसी दीवार की फोटो खींचकर फाइलें भर दी गईं और बाकी के लाखों रुपये सीधे भ्रष्ट अधिकारियों की जेब में चले गए।

Screenshot_20260411_082719_WhatsAppBusiness

कागजों पर चकाचक और जमीन पर बदहाल हैं 300 केंद्र

मस्तूरी विकासखंड में करीब 300 आंगनबाड़ी केंद्र चलते हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा देना और महिलाओं के विकास के लिए काम करना है। लेकिन यहां की जमीनी सच्चाई देखकर लगता है कि विकास सिर्फ कागजों पर हो रहा है। इन इमारतों की हालत बहुत ही खराब है। सालों से यहां मेंटेनेंस का कोई काम नहीं हुआ है। इमारतें बदरंग हो चुकी हैं और दीवारें खस्ताहाल हैं। विभाग बड़े बड़े दावे करता है कि उसने इसी साल सभी केंद्रों को चकाचक करवा दिया है। लेकिन जब असलियत सामने आई तो अधिकारियों के सारे दावों की हवा निकल गई।

Read More रात में बिस्तर से गायब हुई तीन माह मासूम, सुबह पानी के ड्रम में मिली लाश, पुलिस जांच में खुला मौत का खौफनाक राज

मौखिक आदेश से हुआ खेल और लौट गया रंगाई का फंड

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक इन आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई पुताई के लिए विभाग ने बकायदा फंड जारी किया था। हर सेक्टर के लिए 50 से 60 हजार रुपये मंजूर किए गए थे। यह रकम इसलिए थी ताकि बच्चे जब पढ़ने आएं तो उन्हें एक साफ सुथरा और सुंदर माहौल मिले। लेकिन इस नेक काम में भी भ्रष्टाचार का दीमक लग गया। एक बड़े भ्रष्ट अफसर ने मौखिक आदेश जारी किया और पूरा खेल ही पलट दिया। अधिकारी ने रंगाई पुताई के लिए आए पैसे को वापस मंगा लिया और ऐसा जुगाड़ भिड़ाया कि काम भी हो जाए और पैसा भी बच जाए।

Read More आत्महत्या मानने को तैयार नहीं परिवार! SF-6 जवान की मौत पर सड़क पर रखा शव, हत्या की आशंका से गरमाया मामला

 विभाग का स्मार्ट विकास सिर्फ एक दीवार पोतो और फोटो खींचो

इस घोटाले का तरीका इतना स्मार्ट है कि कोई भी आम आदमी सिर पकड़ ले। विभाग का यह विकास मॉडल वाकई गजब है। अफसर का फरमान था कि पैसा वापस करो और पुताई सिर्फ उतनी करो जितनी कैमरे में आ जाए। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मजबूर किया गया कि वे किसी भी एक दीवार पर रंग पोत दें। बस उसी एक चमचमाती दीवार के सामने खड़े होकर फोटो खींची गई और विभाग को भेज दी गई। ऊपर बैठे साहब लोगों ने इस फोटो को देखा और मान लिया कि पूरा केंद्र नया हो गया है। इस तरह काम पूरा दिखा कर एक बड़े फंड का सीधा बंदरबांट कर लिया गया।

 साड़ी वितरण में भी हुई थी भारी धोखाधड़ी

यह भ्रष्टाचार का कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक पहले विभाग ने साड़ी वितरण में भी भारी गड़बड़ी की थी। पूरे छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जो साड़ियां दी गई थीं उनकी क्वालिटी एकदम रद्दी थी। मानक के हिसाब से हर महिला को 6.3 मीटर की साड़ी दी जानी थी। इसमें 5.5 मीटर की मुख्य साड़ी और लगभग 80 सेंटीमीटर का ब्लाउज पीस होना चाहिए था। लेकिन जब महिलाओं ने पैकेट खोले तो उनके होश उड़ गए।

धोने के बाद और सिकुड़ गई साड़ियां

ग्राउंड पर बांटी गई इन साड़ियों की लंबाई 5.3 मीटर से भी कम निकली। कपड़े की क्वालिटी इतनी खराब थी कि एक बार पानी में डालते ही साड़ी और भी ज्यादा सिकुड़ गई। धोने के बाद कपड़े की लंबाई और चौड़ाई इतनी घट गई कि वह पहनने लायक ही नहीं बची। इस भद्दे मजाक से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में भारी गुस्सा भर गया। उन्होंने साफ कह दिया कि वे ऐसी घटिया साड़ियां इस्तेमाल नहीं करेंगी। महिलाओं ने साड़ियां वापस कर दीं और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी शिकायत भी दर्ज करा दी।

दबाव में काम कर रही हैं कार्यकर्ताएं

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आज दोहरी मार झेल रही हैं। जब वे विभाग से अपने हक की बात करती हैं तो उन्हें सिलाई और रंगाई के नाम पर सिर्फ धोखा मिलता है। ऊपर से अधिकारियों का इतना भारी दबाव रहता है कि वे खुलकर कुछ बोल भी नहीं पातीं। एक दीवार रंगने वाले मामले में भी यही हुआ। मौखिक आदेश देकर सारा काम करा लिया गया ताकि कल को कोई लिखित सबूत न बचे। यह भ्रष्टाचारियों की बहुत पुरानी और आजमाई हुई चाल है। लेकिन अब सच्चाई सबके सामने आ चुकी है। लोग इस भ्रष्टाचार को लेकर तरह तरह की बातें कर रहे हैं और विभाग की खूब किरकिरी हो रही है।

 पूरे जिले में हो सकता है लाखों के गबन का खुलासा

एक तरफ घटिया साड़ी थमा कर महिलाओं का मजाक उड़ाया गया और दूसरी तरफ बच्चों के केंद्रों का पैसा डकार लिया गया। दोनों ही मामलों में नुकसान सिर्फ आम जनता और ग्राउंड पर काम करने वाली महिलाओं का हुआ है। मस्तूरी ब्लॉक के 300 केंद्र आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सिर्फ एक ब्लॉक में इतना बड़ा खेल हो सकता है तो पूरे जिले में क्या हालात होंगे।

अगर इस रंगाई पुताई घोटाले की सही तरीके से और बिना किसी दबाव के जांच की जाए तो पूरे जिले में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का बड़ा पर्दाफाश होना तय है। जिन भ्रष्ट अफसरों ने एक दीवार पोत कर पूरा पैसा अपनी जेब में भरा है उनकी असलियत सामने आनी चाहिए। अब हर किसी की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या आला अधिकारी इस मामले में कोई सख्त एक्शन लेंगे या फिर यह करोड़ों का घोटाला भी हमेशा की तरह सरकारी फाइलों के किसी अंधेरे कोने में दब कर रह जाएगा।

Tags:

Latest News

तीन दिन तक चला ‘डिजिटल अरेस्ट’ का गेम, गिरफ्तारी के डर से शिक्षक ने गंवाए 18 लाख तीन दिन तक चला ‘डिजिटल अरेस्ट’ का गेम, गिरफ्तारी के डर से शिक्षक ने गंवाए 18 लाख
डर से कपड़े-सामान तक छोड़ भागीं 2 नाबालिग, 28 किमी पैदल चलकर पहुंचीं बतौली, पुलिस ने किया रेस्क्यू
CG Transfer: राज्य कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 संयुक्त आयुक्तों के तबादले; देखें पूरी लिस्ट
Super El Niño 2026: तेजी से ताकतवर हो रहा अल नीनो, 1950 के बाद सबसे मजबूत घटनाओं में शामिल होने का अनुमान; WMO ने दी चेतावनी
Ayodhya Crime News: हनुमानगढ़ी के नाम पर तंत्र-मंत्र का झांसा, महिला से 2.80 करोड़ की ठगी का आरोप; 3 पर FIR
महामाया मंदिर की दुकानों का विवाद अब लेना लगा सियासी रंग, कथित हिंदूवादी संगठनों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
Bhilai Fire News: हथखोज की श्याम केमिकल फैक्ट्री में भड़की भीषण आग, आसमान में उठता दिखा धुआं; दमकल ने संभाला मोर्चा
बिल्हा के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, कहीं प्राचार्य नदारद, कहीं पीरियड खाली, वीएसके ऐप में 659 शिक्षक गैरहाजिर
CG Crime News: सरकारी स्कूल की प्रधानपाठिका पर घर में ही बच्चों से मारपीट का आरोप, शिकायत के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार
रेंजर-डिप्टी रेंजर पर जंगल में घात लगाकर हमला, मारपीट कर मोबाइल-पर्स छीना और बना लिया बंधक
RTE की 25% सीटों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार की ‘कछुआ चाल’ पर जताई नाराजगी
Railway Track Theft: किराए का मकान बना रेलवे माल का ठिकाना? 6.48 टन पटरी के साथ गैस कटर बरामद; आरोपी फरार