बच्चों के फोन में अश्लील तस्वीरों पर लग सकती है रोक! Apple-Google को करना पड़ सकता है सुरक्षा सिस्टम मजबूत
UK Child Online Safety: बच्चों को स्मार्टफोन पर अश्लील या न्यूड तस्वीरों के संपर्क से बचाने के लिए ब्रिटेन सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार ऐसे नए नियम पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Google को बच्चों के स्मार्टफोन और टैबलेट में न्यूड तस्वीरों को देखने, बनाने या शेयर करने से रोकने के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून कब संसद में पेश होगा, इसकी आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं आई है।
Apple और Google को क्यों देना पड़ सकता है ज्यादा ध्यान?
ब्रिटेन सरकार का मानना है कि बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निजी या न्यूड तस्वीरें बनाने और शेयर करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल होने पर बच्चों को ब्लैकमेल, ऑनलाइन ग्रूमिंग और यौन शोषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन सरकार ने जून में Apple और Google को करीब तीन महीने का समय दिया था। दोनों कंपनियों से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी फीचर्स को स्वेच्छा से मजबूत करने को कहा गया था। सरकार का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा उपायों के बावजूद बच्चों को इस तरह के कंटेंट से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए और कदम उठाने की जरूरत है।
Apple के फोन में पहले से मौजूद है सुरक्षा फीचर
Apple पहले से ही बच्चों की सुरक्षा के लिए Communication Safety नाम का फीचर उपलब्ध कराता है। कंपनी ने इसे 2021 में पेश किया था। इसका उद्देश्य बच्चों को न्यूड तस्वीरों और वीडियो के संपर्क में आने से बचाना और संवेदनशील कंटेंट शेयर करने से पहले चेतावनी देना है। बाद में Apple ने इस सुरक्षा व्यवस्था का दायरा कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स तक भी बढ़ाया। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने ब्रिटेन के अधिकारियों को बताया है कि वह Communication Safety सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अन्य फीचर्स को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
Google भी बढ़ा रहा है सेफ्टी सिस्टम
Google की ओर से भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि वह सरकार, ऐप डेवलपर्स और ऑनलाइन सेफ्टी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रही है। अगर ब्रिटेन में नए नियम लागू होते हैं, तो केवल स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम पर ही नहीं, बल्कि फोन में मौजूद अलग-अलग ऐप्स पर भी सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त नियम लागू हो सकते हैं।
ऐप्स को भी अपनाने पड़ सकते हैं नए सुरक्षा उपाय
प्रस्तावित व्यवस्था का एक अहम हिस्सा यह है कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल फोन बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगी। अलग-अलग ऐप्स को भी संवेदनशील तस्वीरों की पहचान, चेतावनी और शेयरिंग को रोकने जैसे सुरक्षा उपाय लागू करने पड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नए नियमों के तहत कौन-कौन से डिवाइस, ऐप्स और उम्र के बच्चों को शामिल किया जाएगा। सरकार की ओर से प्रस्ताव के अंतिम स्वरूप और लागू होने की समयसीमा को लेकर आगे और जानकारी सामने आना बाकी है।
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा बनी बड़ी चिंता
स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा दुनिया के कई देशों के लिए अहम मुद्दा बन गई है। निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और ग्रूमिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए टेक कंपनियों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ रहा है। ब्रिटेन का प्रस्ताव इसी दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। अगर यह कानून लागू होता है, तो बच्चों के फोन और ऐप्स में संवेदनशील कंटेंट से जुड़े सुरक्षा नियम पहले के मुकाबले काफी सख्त हो सकते हैं।
