RCom Fraud Case: अनिल अंबानी से 7 घंटे की लंबी पूछताछ, फंड डायवर्जन पर कड़े सवाल
नई दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े बहुचर्चित बैंक फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी से लगातार दूसरे दिन लंबी पूछताछ की। शुक्रवार को उनसे करीब सवा सात घंटे तक पूछताछ की गई, जबकि एक दिन पहले भी उनसे लगभग आठ घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूछताछ भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर दर्ज 2,929 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में की जा रही है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आरोप लगाया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के लोन अकाउंट्स में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
पूछताछ के दौरान CBI अधिकारियों ने अनिल अंबानी से फंड डायवर्जन, गबन, लोन के उपयोग और वित्तीय लेनदेन में संभावित अनियमितताओं को लेकर कई अहम सवाल किए। अधिकारियों ने उन्हें संबंधित दस्तावेजों के साथ आमने-सामने बैठाकर विस्तृत जानकारी ली, ताकि पूरे वित्तीय ट्रेल को समझा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस इस बात पर है कि बैंकों से लिए गए ऋण का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए हुआ या नहीं, और कहीं फंड को दूसरी कंपनियों या निजी उपयोग में तो डायवर्ट नहीं किया गया। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस प्रक्रिया में आपराधिक साजिश या विश्वासघात के तत्व शामिल हैं।
इस माममें CBI ने पिछले वर्ष अगस्त में केस दर्ज किया था। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस पर विभिन्न बैंकों का कुल 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था, जिसमें अकेले SBI को करीब 2,929 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
वहीं, अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वे कानून के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई देश के बड़े कॉरपोरेट फ्रॉड मामलों में एक अहम कड़ी मानी जा रही है, जहां वित्तीय पारदर्शिता और बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है।ले
