BCCI Test Plan: बुमराह के वर्कलोड पर बड़ा प्लान, WTC फाइनल की रेस से बाहर होने पर 3 नए तेज गेंदबाजों को मिल सकता है मौका
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जसप्रीत बुमराह की लगातार चोटों और वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भविष्य के लिए नए तेज गेंदबाज तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, यदि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की दौड़ से बाहर होता है, तो चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने की योजना बना सकते हैं।
बुमराह रहेंगे अहम, लेकिन तैयार होगा नया पेस अटैक
बीसीसीआई का मानना है कि जसप्रीत बुमराह फिलहाल भारत के सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट गेंदबाज हैं, लेकिन लगातार चोटों और बढ़ते वर्कलोड को देखते हुए उनके विकल्प तैयार करना भी जरूरी है। टीम मैनेजमेंट ऐसे तेज गेंदबाजों की तलाश में है जो लगातार 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकें। नई और पुरानी दोनों गेंद से प्रभावी हों। लंबी स्पेल फेंकने की क्षमता रखते हों। विदेशी परिस्थितियों में अतिरिक्त बाउंस और सीम मूवमेंट हासिल कर सकें।
सिराज के बाद किस पर भरोसा?
मौजूदा टेस्ट टीम में मोहम्मद सिराज को बुमराह के बाद सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज माना जा रहा है। हालांकि, टीम प्रबंधन को चिंता है कि सिराज और बुमराह के अलावा ऐसा कोई स्थायी विकल्प अभी तैयार नहीं हो पाया है, जो लंबे समय तक विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बना सके।
शमी की वापसी पर भी संशय
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने चोट से वापसी के बाद घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें हाल की योजनाओं में जगह नहीं मिली। इसी वजह से माना जा रहा है कि चयनकर्ता अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाजों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
इन तीन युवा तेज गेंदबाजों पर BCCI की खास नजर
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल चयनकर्ताओं की निगाह तीन उभरते तेज गेंदबाजों पर टिकी है
- तुषार देशपांडे
- गुरजापनीत सिंह
- नचिकेभ भुते (विदर्भ)
इन तीनों गेंदबाजों की गति, उछाल निकालने की क्षमता और लंबी स्पेल फेंकने की योग्यता को देखते हुए उन्हें भविष्य के टेस्ट पेस अटैक का हिस्सा माना जा रहा है।
WTC फाइनल की स्थिति तय करेगी रणनीति
बताया जा रहा है कि यदि न्यूजीलैंड दौरे के दौरान यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत के लिए WTC फाइनल में पहुंचना मुश्किल है, तो चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों के बजाय युवा गेंदबाजों को अवसर देने की रणनीति अपना सकते हैं। इसका उद्देश्य अगले टेस्ट चक्र के लिए मजबूत तेज गेंदबाजी पूल तैयार करना होगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे ने दिखाई थी कमी
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की गेंदबाजी काफी हद तक जसप्रीत बुमराह पर निर्भर रही थी। जब बुमराह विकेट निकालने में सफल नहीं हुए, तब विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखना टीम के लिए चुनौती बन गया। इसी अनुभव के बाद बीसीसीआई अब बैकअप तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर गंभीरता से काम कर रहा है।
