लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई: भीषण हमलों में 41 लोगों की मौत, 1986 से लापता पायलट की तलाश भी जारी

लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई: भीषण हमलों में 41 लोगों की मौत, 1986 से लापता पायलट की तलाश भी जारी

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इजरायल ने लेबनान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की, जिसमें कम से कम 41 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। यह हमला विशेष रूप से नबी शीट क्षेत्र में हुआ, जहां धमाकों के बाद कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और इलाके में भारी तबाही का मंजर देखने को मिला। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि कई मकानों की छतें उड़ गईं और आसपास की इमारतों में आग लग गई। घटनास्थल के आसपास हथियारों और मलबे के टुकड़े बिखरे हुए मिले।

हिजबुल्लाह से जुड़े लोगों ने बताई धमाकों की तीव्रता
ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह से जुड़े एक स्थानीय व्यक्ति मोहम्मद मूसा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि धमाकों की आवाज बेहद तेज थी। उनके मुताबिक, विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि पूरा इलाका कुछ देर के लिए दहशत में डूब गया और लोगों को लगा जैसे किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत हो गई हो।

1986 से लापता पायलट की तलाश में ऑपरेशन
इजरायली सेना ने बताया कि इस कार्रवाई का एक उद्देश्य 1986 में लापता हुए नेविगेटर पायलट ‘रोन अराद’ के बारे में जानकारी जुटाना भी था। सेना के अनुसार, इस मिशन के तहत लेबनान के कुछ इलाकों में रातभर विशेष सैन्य अभियान चलाया गया। हालांकि इस ऑपरेशन के दौरान पायलट से जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। सेना का कहना है कि अभियान के दौरान इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के किसी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है।

लेबनान प्रशासन ने दी मृतकों और घायलों की जानकारी
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नबी शीट और उसके आसपास हुए हमलों में 41 लोगों की जान चली गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विस्फोटों की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक वाहन धमाके के बाद उछलकर इमारत की दूसरी मंजिल तक जा पहुंचा। हमले के बाद कई मकान ढह गए और इलाके में भारी नुकसान हुआ। मलबे के बीच कुछ इमारतों में हिजबुल्लाह नेताओं के पोस्टर और बैनर के अवशेष भी देखे गए।

नेतन्याहू का बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि भले ही इस अभियान में लापता पायलट से जुड़ा कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन इजरायल अपने हर लापता सैनिक का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

Latest News

40 की उम्र से पहले ही घटने लगी हैं मांसपेशियां? कहीं यह Sarcopenia तो नहीं, जानें लक्षण, कारण और बचाव 40 की उम्र से पहले ही घटने लगी हैं मांसपेशियां? कहीं यह Sarcopenia तो नहीं, जानें लक्षण, कारण और बचाव
सर्पदंश घोटाला: मर्ग और पीएम रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल, फिर पुलिस-स्वास्थ्य विभाग पर मेहरबानी क्यों? ई ओ डब्लू /एसआईटी से जांच की मांग
Guru Purnima 2026: 29 जुलाई को करें ये आसान उपाय, ज्योतिष के अनुसार मजबूत होगा गुरु ग्रह, करियर और धन में मिल सकती है प्रगति
कोपरा रामसर को कोयले की धूल से बचाने की कवायद: 5 किलोमीटर के दायरे से हटेंगे 9 कोल डिपो और 2 वॉशरी, वन विभाग ने शासन को सौंपी सर्वे रिपोर्ट
रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए अमित बघेल, 2028 में छत्तीसगढ़िया सरकार बनाने का दावा; समर्थकों में भारी उत्साह
सर्पदंश के बाद अब SC-ST एक्ट में फर्जीवाडे की सुगबुगाहट, FIR दर्ज कराकर सरकारी मुआवजा डकारने का खेल, सीपत की एक महिला पर शक !
J&K Terror Attack: अनंतनाग में पुलिसकर्मी पर ताबड़तोड़ फायरिंग, शहीद जवान पर 5 गोलियां मारने का दावा; TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
NEET Protest Impact: रायपुर में आमने-सामने आए BJP और कांग्रेस कार्यकर्ता, पत्थरबाजी के बीच पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन
Jhunjhunu Murder Case: पत्नी की हत्या के बाद संदूक में छिपाई लाश! झुंझुनूं में सनसनी, पति हिरासत में; शराब के पैसों को लेकर विवाद की आशंका
हाई कोर्ट ने तय की उच्च पेंशन की पात्रता, सेवा के दौरान विकल्प नहीं चुना तो नहीं मिलेगा लाभ
सर्पदंश मुआवजा घोटाला: मृतक कमलेश और रोहन के नाम पर फर्जीवाड़ा, जांच में कोटा-बेलगहना के दलालों के नाम आए सामने
Raipur Breaking: महिला थाना के पास खून से लथपथ युवक की लाश मिलने से सनसनी, सिर पर गंभीर चोट के निशान; हत्या की आशंका