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Raipur Rehab Horror: नशामुक्ति के नाम पर क्रूरता! युवक की बेरहमी से पिटाई, वीडियो ने खोली सच्चाई
रायपुर। Raipur Rehab Horror: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां नशामुक्ति केंद्र के नाम पर कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। इस घटना ने पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला पंडरी थाना क्षेत्र के मोवा स्थित एक निजी नशामुक्ति केंद्र से जुड़ा है, जहां इलाज के लिए भर्ती एक युवक के साथ कथित तौर पर क्रूर मारपीट की गई। सामने आए वीडियो और पीड़ित के परिजनों के आरोपों के अनुसार, केंद्र संचालिका के बेटे ने युवक को बुरी तरह पीटा, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पड़े।
बताया जा रहा है कि युवक को नशे की लत छुड़ाने के उद्देश्य से उसके परिजनों ने केंद्र में भर्ती कराया था। लेकिन कुछ ही समय बाद वहां उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया, जो लंबे समय तक जारी रहा। पीड़ित की पहचान ओडिशा निवासी एक युवक के रूप में हुई है, जिसे सितंबर 2025 में केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें अपने बेटे से मिलने तक नहीं दिया जाता था और विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
जब युवक कुछ समय बाद घर लौटा, तो उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद खराब थी। परिजनों ने बताया कि उसके शरीर पर गहरे घाव थे और वह मानसिक रूप से भी अस्थिर दिखाई दे रहा था। उसका इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में जारी है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पर मारपीट, उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी स्वयं नशे की समस्या से जूझ रहा है और उसका इलाज भी एक अन्य केंद्र में चल रहा है। संबंधित संस्थान से उसकी मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने संबंधित नशामुक्ति केंद्र से संचालन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना न केवल नशामुक्ति केंद्रों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ऐसे संस्थानों में नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता कितनी आवश्यक है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
