महादेव सट्टा ऐप केस: ओमान से भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर, दिल्ली कोर्ट ने CBI को दी 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई हुई है। लंबे समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर चल रहे आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद सोमवार को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के बाद सीबीआई (CBI) को सौरभ चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है। अब सीबीआई उसे मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश करेगी। सौरभ की भारत वापसी को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) लंबे समय से अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों की नजर कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, करोड़ों रुपये के लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क पर है।
दिल्ली कोर्ट में पेशी,CBI को मिली दो दिन की रिमांड
ओमान से भारत लाए जाने के बाद सौरभ चंद्राकर को सोमवार को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने मामले में पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी थी। अदालत में बचाव पक्ष ने सीबीआई की इस मांग का विरोध किया।
सौरभ के वकील ने दलील दी कि उसका प्रत्यर्पण ईडी से जुड़े मामले के तहत हुआ है। ऐसे में सीबीआई की ओर से ट्रांजिट रिमांड मांगने की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया गया। बचाव पक्ष का कहना था कि जिस मामले के आधार पर आरोपी को भारत लाया गया है, उसी के कानूनी दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई की मांग स्वीकार कर ली और दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। इसके बाद सीबीआई सौरभ को रायपुर लेकर आएगी, जहां उसे विशेष अदालत में पेश किया जाना है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में पहले से दाखिल हैं चार्जशीट
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर है। सीबीआई ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में से दो में उसके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन और ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित अवैध कमाई के पहलुओं की जांच कर रहा है।
जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका की आशंका है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच पैसों का लेनदेन किस तरह होता था।
गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क में बढ़ी हलचल, साझेदारों में मतभेद की चर्चा
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच कथित मतभेद और साझेदारों के अलग होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रवि उप्पल समेत कुछ कारोबारी साझेदारों ने सौरभ चंद्राकर से दूरी बना ली है। इसके अलावा अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल और शुभम सोनी के भी रवि उप्पल के साथ जाने की चर्चा सामने आई है।
हालांकि, नेटवर्क में बंटवारे, साझेदारों के बीच विवाद और कथित संपत्ति को लेकर चल रही चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल मीडिया रिपोर्ट्स और अपुष्ट जानकारियों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रायपुर की अदालत में होगी अगली सुनवाई
सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ेगी। सीबीआई उससे जुड़े मामलों में पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में कथित अवैध कमाई, वित्तीय लेनदेन, हवाला नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
अब सभी की नजर रायपुर की विशेष अदालत में होने वाली पेशी पर रहेगी। सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन के बारे में क्या जानकारी मिलती है, यह आने वाले दिनों में अहम होगा।
