कागजों पर बैन, गलियों में चल रहीं गुटखा फैक्ट्रियां: रोजाना छप रहा 25 लाख का अवैध माल, हर साल कैंसर अस्पताल पहुंच रहे 1200 मरीज
रायपुर। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पाबंदी के बावजूद मौत का यह व्यापार गली-मोहल्लों में धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। तस्कर और माफिया खुलेआम गुटखा बना रहे हैं, साथ ही उसे खपा भी रहे हैं। इसका खौफनाक असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। हाल ही में पुलिस और जीएसटी की छापामार कार्रवाई में भारी मात्रा में कच्चा तंबाकू और तैयार गुटखा पकड़ा गया है। यह बताता है कि नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार ने सिस्टम की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।
हर हफ्ते मिल रहे माउथ कैंसर के 5 से 6 मरीज
तंबाकू के इस काले कारोबार का नतीजा यह है कि रायपुर के क्षेत्रीय कैंसर संस्थान में हर साल 1200 से अधिक मरीज मुंह के कैंसर का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। राज्य में जितने भी कैंसर के मरीज सामने आते हैं, उनमें से 40 फीसदी हिस्सेदारी केवल मुंह और गले के कैंसर की होती है। शासकीय डेंटल कॉलेज के आंकड़े भी डराने वाले हैं। यहां हर हफ्ते जांच के दौरान 5 से 6 मरीजों में मुख कैंसर की पुष्टि हो रही है। यानी हर 6 मरीजों में से किसी न किसी मरीज को गले या मुंह का कैंसर निकल रहा है। बेतहाशा बढ़ रहे ये आंकड़े तंबाकू के जानलेवा प्रभाव को साबित करते हैं।
सुपारी के नाम पर बन रहा था 'सितार' गुटखा
अवैध गुटखा बनाने वाले कारोबारी कितने शातिर हैं, इसका खुलासा सितार गुटखा मामले से हुआ। जीएसटी विभाग ने अवैध रूप से सितार गुटखा बनाने वाले कारोबारी को गिरफ्तार किया है। यह शख्स 2021 से लगातार अपनी फैक्ट्रियों की जगह बदल-बदल कर गुटखा तैयार कर रहा था। सरकारी फाइलों में हेराफेरी करने के लिए कागजों पर सिर्फ सुपारी की बिक्री दिखाई जाती थी। टैक्स और जीएसटी की टीम ने जब जांच की तो पता चला कि रोजाना करीब 25 लाख रुपए का माल तैयार हो रहा था। 23 सितंबर को इस कारोबारी को जीएसटी एक्ट की धारा 69 के तहत अरेस्ट किया गया।
दुर्ग और जशपुर में पकड़ाया लाखों का अवैध माल
अवैध गुटखे का नेटवर्क पूरे राज्य में फैला हुआ है। सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने भनक लगने पर दुर्ग के कुम्हारी स्टेशन चौक क्षेत्र 2 में दबिश दी। यहां फैक्ट्री के अंदर से 30 बोरा तैयार गुटखा और इसे बनाने वाली दो मशीनें जब्त की गईं। टीम ने गोदाम में रखे टैक्स के रिकॉर्ड भी खंगाले। इससे पहले जशपुर के लोदाम थाना इलाके में पुलिस ने ट्रक से 271 बोरी कच्चा तंबाकू पकड़ा था। इस तंबाकू की कीमत 5.18 लाख रुपए आंकी गई। माल परिवहन के कोई वैध कागजात नहीं मिलने पर चालक को धर दबोचा गया।
तंबाकू सेवन से बढ़ रही बीमारी
क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के डॉ. विवेक चौधरी बताते हैं कि छत्तीसगढ़ व आसपास के राज्यों में बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू का अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि मुंह और गले का कैंसर तेजी से फैल रहा है। हर छठा मरीज इसी बीमारी से पीड़ित है।
प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू का धंधा करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। ऐसे प्रकरणों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
दीपक अग्रवाल -खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक
